Jansuraj Party: प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार को 20 साल का अवसर मिला है। जो उनसे बन पड़ा, वह उन्होंने किया। अब वह शारीरिक और मानसिक रूप से थके हुए हैं। जनता को दिख रहा है कि आगे की तरक्की के लिए जन सुराज चाहिए, नई व्यवस्था चाहिए।
बिहार चुनाव को लेकर सभी पार्टियों की तैयारी अंतिम चरण में है। अब तक इंडिया या एनडीए ने घटक दलों ने अपनी उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। लेकिन, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची नौ अक्टूबर को जारी करने घोषणा कर दी है। जनसुराज की ओर से सोशल मीडिया पर कहा गया है कि जनसुराज के उम्मीदवारों की पहली सूची नौ अक्टूबर को जारी होगी। सूत्रों की मानें तो जनसुराज 40 सुरक्षित सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकते हैं।
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नीतीश सरकार पर तीखे हमले
इधर, प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह बिहार के लिए एक नया राजनीतिक विकल्प तैयार कर रहे हैं, जिसे स्थापित पार्टियों ने निराश किया है। महिलाओं, मुसलमानों और अत्यंत पिछड़े वर्गों (ईबीसी) को पर्याप्त संख्या में टिकट देने का वादा करने के अलावा प्रशांत कुमार ने यह भी कहा है कि अगर पार्टी फैसला लेती है तो वह खुद भी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। 47 वर्षीय पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की सीट राघोपुर और अपने जन्म स्थान करगहर को भी दो निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया है, जहां से वह चुनाव लड़ना चाहेंगे।
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प्रशांत किशोर बोले- शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें
प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से अपील की है कि इस बार वोट अपने बच्चों के लिए करें। शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें। जनसुराज ने विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दावा किया है। कहा कि इस बार जनता विकास को वोट करेगी। जो उनके लिए सोचेगा, उसे ही वोट करेगी। जनसुराज चुनाव के बाद अपनी सरकार बनाएगी। हालांकि, जनसुराज का यह दावा कितना सही होता है? यह तो विधानसभा चुनाव के परिणाम की घोषणा के बाद ही पता चलेगा। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि प्रशांत किशोर ने बिहार उपचुनाव में चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। उस वक्त भी उन्होंने चारों सीटों पर जीत का दावा किया था लेकिन परिणाम क्या हुआ? वह जनता के सामने है। उनके उम्मीदवार दूसरे नंबर पर भी नहीं रह पाए थे। इसलिए जनता का मूड क्या है? परिणाम आने से पहले इस बात का अनुमान लगाना कठिन है।