Bihar : विपक्ष अब तक चुनाव आयोग पर भाजपा के निर्देश पर काम करने का आरोप लागते रही, लेकिन अब यह चर्चा एक बार फिर तेज हो सकती है। इसकी वजह यह है कि चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं।
बिहार में विधान सभा चुनाव होने हैं और अब गिनती के दिन रह गये हैं जब इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इससे पहले चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि अब पोस्टल बैलट की गिनती में अगर देरी होती है तो ईवीएम की गिनती रोक दी जाएगी। इतना ही नहीं बैलट ज्यादा होने पर काउंटिंग टेबल भी बढ़ाई जाएंगी। चुनाव आयोग के नए नियम के अनुसार, बैलट की गिनती बाकी होने पर ईवीएम के सेकेंड लास्ट राउंड की काउंटिंग को रोक दिया जाएगा। इस दौरान बैलट की काउंटिंग को पूरा किया जाएगा। इस बात की जानकारी चुनाव आयोग ने प्रेस वार्ता जारी करते हुए दी है। यह नियम बिहार विधानसभा चुनाव से लागू होगी।
जानिए क्या हुआ है बदलाव
इस संबंध में चुनाव आयोग का कहना है कि मतगणना केन्द्रों पर अब तक ईवीएम मशीन से काउंटिंग और बैलट काउंटिंग एक साथ होती थी। मशीन में वोटों की गिनती जल्दी होती है। ऐसे में कुछ केन्द्रों में ऐसा देखा गया कि बैलट काउंटिंग पिछड़ रही है, जबकि उसकी काउंटिंग पहले शुरु होती है। वहीं अब नए नियम के अनुसार, बैलट काउंटिंग पूरी होने तक ईवीएम के वोट पूरे नहीं गिने जाएंगे। इसका मतलब यह हुआ कि ईवीएम मशीन में सेकेंड लास्ट राउंड आने तक अगर बैलट बचता है तो मशीन काउंटिंग रोक दी जाएगी। फिर जब बैलट की गिनती पूरी हो जाएगी, तब मशीन के बचे हुए आखिरी राउंड गिने जाएंगे।
इस वजह से किया गया है बदलाव
इस संबंध में चुनाव आयोग का कहना है कि इस तरह का बदलाव करने के पीछे बस एक ही मंशा है कि मतगणना पूरी तरह पारदर्शी हो। चुनाव आयोग ने कहा कि खासतौर से उन मतगणना केन्द्रों पर, जहां पोस्टल की गिनती की जाती है, वहां सभी वोटों की गिनती सही तरीके से और बिना किसी पक्षपात के पूरी हो सकेगा।