बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। छह और 11 नवंबर को दो चरणों में चुनाव की तारीख घोषित हो चुकी है। लेकिन, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मंथन जारी है। पटना वीर चंद पटेल मार्ग में भाजपा, जदयू, राजद दफ्तर बाहर गाड़ियों की लंबी कतारें पिछले दो दिनों से लग रही है। आज सुबह से ही इन सभी कार्यालयों में भीड़ है। सोमवार को सुबह से शाम तक लगातार बैठक चली। तेजस्वी यादव ने पोलो रोड स्थित अपने आवास पर सीट बंटवारे को लेकर बैठक की। करीब 80 फीसदी काम दोनों गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हो चुकी है। लेकिन, कुछ दल को मनाने के चक्कर में सीट बंटवारे को लेकर अब तक घोषणा नहीं हो पाई है। आइए जानते हैं कहां फंसा है पेंच....
इंडिया गठबंधन में कांग्रेस की आनाकानी
2020 में महागठबंधन चुनावी मैदान में उतरी थी। इस बार महागठबंधन का नाम इंडिया गठबंधन हो गया। इसमें आठ राजनीतिक दल (कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), भाकपा माले, विकासशील इंसान पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी) है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सीट बंटवारें को लेकर पिछले दो दिनों से लगातार बैठकें हो रही हैं लेकिन कांग्रेस, वामदल और वीआईपी अपनी-अपनी मांगों पर अड़ी है। तेजस्वी यादव कांग्रेस के पिछले प्रदर्शन को देखते हुए इस बार 55 सीटें देना चाहते हैं लेकिन वह आनाकानी कर रही है। कांग्रेस 70 सीट से कम पर चुनाव लड़ना नहीं चाह रही है। वहीं वाम दल 40 सीट और वीआईपी को डिप्टी सीएम का पद चाहिए। सूत्र बता रहे हैं कि अब तक जो फॉर्मूला तय हुआ है उसके हिसाब से इंडिया गठबंधन में राजद के खाते में करीब 130, कांग्रेस को 55 सीट, वामदल को 35, वीआईपी को 20 सीटें मिल सकती है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की पार्टी रालोजपा राजद कोटे से पांच सीओं पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। लेकिन, इस फॉर्मूले को मानने में बिहार कांग्रेस के नेता आनाकानी कर रहे हैं।