बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस मौके पर पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने वक्फ कानून को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में इस अधिनियम को लागू नहीं होने देगी। दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह कानून वक्फ संपत्तियों और समुदाय के हितों के खिलाफ है, और उनकी सरकार बनने पर इसे खारिज करेगी।
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि हम जिस इंडिया गठबंधन के घटक हैं, जब विधानसभा चुनाव जीतकर सत्ता में आयेंगे तो बिहार में वक्फ कानून को विफल कर दिया जाएगा। इस बात को आज रविवार को तेजस्वी यादव ने भी प्रेसवार्ता के दौरान कहा था कि अगर महागठबंधन सत्ता में आता है तो वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।
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सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने 'परिवर्तन संकल्प पत्र' (प्रतिबद्धताओं का चार्टर) शीर्षक से अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बिहार में वक्फ कानून लागू न हो। हम हाल के दिनों में लाए गए अन्य सभी कानूनों के संबंध में भी यही सुनिश्चित करेंगे जो संविधान के तहत गारंटीकृत संघीय ढांचे का अपमान करते प्रतीत होते हैं।
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वामपंथी नेता ने अप्रैल 2016 से लागू शराबबंदी कानून को भी हास्यास्पद बताया और कहा कि अगर इंडिया गठबंधन अगली सरकार बनाता है तो इसकी आलोचनात्मक समीक्षा की जाएगी। दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू करना, सांप्रदायिक हिंसा और अभद्र भाषा पर त्वरित कार्रवाई हमारे संकल्प पत्र की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने पर लागू किया गया। उन्होंने कहा, "अगर हम सरकार बनाते हैं तो हम वक्फ कानून को लागू नहीं करेंगे।
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य को पिछले दो दशकों से सत्ता में रही भाजपा-जद(यू) सरकार से मुक्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि हम बिहार को न्याय, समानता और लोकतंत्र की मजबूत नींव पर बनाएंगे, ताकि विकास का लाभ वंचित समुदायों तक पहुंचे। प्रत्येक भूमिहीन और बेघर परिवार को ग्रामीण क्षेत्रों में पांच डिसमिल और शहरी क्षेत्रों में तीन डिसमिल जमीन और एक पक्का मकान मिलेगा... यह जनता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि हम सभी फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित करेंगे और किसानों तथा ग्रामीण मजदूरों के लिए उचित मूल्य की गारंटी देंगे। कृषि के लिए मुफ्त बिजली, हर खेत को पानी, नहरों का आधुनिकीकरण और कृषि बाजार समितियों को फिर से सक्रिय करना बिहार के लोगों के प्रति हमारी प्रतिबद्धताओं में से कुछ हैं।