Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025 : मनोज तिवारी, किशन कुमार, दिनेश लाल यादव निरहुआ और पवन सिंह के बाद बिहार की एक लोक गायिका राजनीति में उतरने वाली है। भाजपा उसे बिहार विधानसभा चुनाव में अलीनगर सीट से उम्मीदवार बनाने वाली है।
बिहार की सियासत में अब एक गायिका शामिल होने वाली है। वह भाजपा के टिकट से बिहार विधान सभा का चुनाव लड़कर सबसे कम उम्र की विधायक बनने वाली है। जी हां वह है राष्ट्रीय स्तर पर अपनी लोक और शास्त्रीय गायकी का लोहा मनवाने वाली युवा कलाकार मैथिली ठाकुर जो बहुत विधान सभा में नजर आने वाली है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मैथिली ठाकुर आगामी विधानसभा चुनाव में बिहार की अलीनगर सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। फिलहाल यह बात सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।
बनेंगी सबसे कम उम्र की विधायक
मैथिली ठाकुर का जन्म मधुबनी जिले के बेनीपट्टी गांव में हुआ है। वह अभी 25 साल की हैं। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज और गायन से खुद की पहचान बनाई है। भारत निर्वाचन आयोग ने उन्हें बिहार का स्टेट आइकन बनाया ताकि वह मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक कर सकें। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें मधुबनी जिले का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया था। वह खादी ग्रामोद्योग के प्रचार के लिए भी ब्रांड एंबेसडर रह चुकी हैं। अब भाजपा उन्हें एक मजबूत और लोकप्रिय उम्मीदवार के तौर पर देख रही है।
भाजपा की सोची-समझी रणनीतिक दांव
राजनीतिक जानकारों का कह्नना है कि भाजपा का मैथिली ठाकुर को अलीनगर सीट से उम्मीदवार बनाना एक सोची -समझी रणनीतिक दांव है। पिछले दो चुनावों में भाजपा इस सीटों पर जीत का परचम लहरा चुकी है, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। मौजूदा विधायक, मिश्री लाल यादव, के खिलाफ जनता की नाराजगी और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतों ने आलाकमान का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे में, पार्टी ने जोखिम लेने के बजाय, एक बड़ा बदलाव करना छह रही है। भाजपा, मैथिली ठाकुर की जबरदस्त लोकप्रियता का फायदा उठाकर, विधायक के खिलाफ पनपी सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) की संभावनाओं को पूरी तरह से भुनाना चाहती है। यह कदम न सिर्फ सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने के लिए है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पार्टी युवा, लोकप्रिय चेहरों के माध्यम से अपने पारंपरिक गढ़ को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।