चिराग पासवान की पार्टी इन जगहों से लड़ेगी चुनाव
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एनडीए के सीट शेयरिंग की घोषणा हो गई है, लेकिन किस सीट पर कौन सा उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा, इसकी विधिवत घोषणा होनी अभी बाकी है। मिली जानकारी के अनुसार चिराग पासवान की 29 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की 6 सीटें भी स्पष्ट हो चुकी हैं। चिराग पासवान की 29 सीटों में बखरी, साहेबपुर कमाल, तारापुर, रोसड़ा, राजा पाकड़, लालगंज, हायघाट, गायघाट, एकमा, मढौरा, अगियांव, ओबरा, अरवल, गया, हिसुआ, फतुहा, दानापुर, ब्रम्हपुर, राजगीर, कदवा, सोनबरसा, बलिरामपुर, हिसुआ, गोविंदपुर, सिमरी बख्तियारपुर, मखदूम, कसबा, सुगौली और मोरवा शामिल है। मिली जानकारी के मुताबिक़ सीट शेयरिंग के मामले में चिराग पासवान 30-35 सीटों की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन अंततः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दखल के बाद चिराग पासवान 29 सीटों पर लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं।
जीतनराम मांझी की सीटें
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हमारी अहमियत कम आंकी गई, इसका असर एनडीए पर पड़ सकता है
जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' की सीटों में सिकंदरा, कुटुंबा, बराचट्टी, इमामगंज, टेकारी और अतरी की सीटें शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार इमामगंज से दीपा मांझी, बराचट्टी से ज्योति देवी, टेकारी से अनिल कुमार, सिकंदरा से प्रफुल्ल कुमार मांझी, अतरी से रोमित कुमार और कुटुंबा से श्रवण भुइंया चुनाव लड़ेंगे। सीट शेयरिंग की घोषणा के बाद 'हम' पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि, 'हाईकमान ने जो फैसला किया है, उसे हम स्वीकार करते हैं, लेकिन हमें सिर्फ छह सीट देकर उन्होंने हमारी अहमियत कम आंकी है। इसका असर एनडीए पर पड़ सकता है।”
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उपेन्द्र कुशवाहा की सीटें
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24 सीटों पर दावेदारे पेश कर रहे थे कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने पिछली बार एनडीए होकर एनडीए के खिलाफ 99 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे थे। नतीजतन एक भी खाता भी नहीं खुल पाया था। इस बार उनकी पार्टी को एनडीए ने 6 सीटें दी हैं, जिसमें सासाराम, उजियारपुर, दिनारा, मधुबनी, बाजपट्टी और महुआ की सीटें शामिल हैं। जीतन राम मांझी की तरह उपेन्द्र कुशवाहा भी 24 सीटों की दावेदारी कर रहे थे। वह इससे कम सीटें लेने के लिए तैेयार नहीं थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दखल के बाद चिराग पासवान के साथ-साथ जीतन राम मांझी और उपेन्द्र कुशवाहा भी मान गए।