Bihar Election 2025: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मैंने 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को ऐतिहासिक जीत दिलाने में भूमिका निभाई थी। अगर मुझे सत्ता की चाह होती, तो उसी वक्त कोई पद मिल सकता था। पढ़ें पूरी खबर...।
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान बिहार में नीतीश कुमार सरकार की असंवेदनशीलता ने उन्हें राजनीति में उतरने के लिए प्रेरित किया।
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‘सत्ता चाहिए होती, तो 2015 में ही ले लेता’
एक पॉडकास्ट में बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को ऐतिहासिक जीत दिलाने में भूमिका निभाई थी। अगर मुझे सत्ता की चाह होती, तो उसी वक्त कोई पद मिल सकता था। लेकिन मेरा उद्देश्य तब भी कुछ और था, और आज भी बदलाव की राजनीति है।
‘बंगाल चुनाव के बाद लिया राजनीति में आने का निर्णय’
पीके ने बताया कि 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने निर्णय लिया कि अब वे चुनावी अभियान प्रबंधन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने काफी सोच-विचार के बाद जन सुराज पार्टी की नींव रखी।
‘नेता जानते हैं, काम नहीं करेंगे फिर भी वोट मिल जाएगा’
बिहार की राजनीतिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यहां के नेताओं को विश्वास है कि वे काम न भी करें, तब भी उन्हें वोट मिलेंगे। जब तक यह मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक बिहार आगे नहीं बढ़ेगा।