Samrat Choudhary : 12 फरवरी 2024 को जो तेजस्वी यादव नहीं कर सके थे, 24 अप्रैल 2026 को कर सकेंगे? सम्राट चौधरी सरकार इस दिन बहुमत साबित करने उतरेगी। एक दिन का सत्र बुला लिया गया है।
बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार 24 अप्रैल को सदन में विश्वास मत हासिल करेगी। बहुमत साबित करेगी। इसके लिए एक दिन का सत्र बुलाया गया है। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री के रूप में भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद यह औपचारिकता होनी थी, जो 24 अप्रैल को हो रही है। पिछली बार जब नीतीश कुमार महागठबंधन छोड़ एनडीए में लौटे थे तो 12 फरवरी 2024 को यह अवसर आया था। इसी में खेला करने की बात हो रही थी, लेकिन फ्लोर टेस्ट में एनडीए ने महागठबंधन के साथ ही खेल कर दिया था।
243 में से 201 विधायक एनडीए के अपने, कुछ आ भी सकते हैं
बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या 243 रहती है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या 242 है। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 है। इस जादुई आंकड़े से बहुत आगे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास नितिन नवीन के इस्तीफे के बावजूद विधायकों की संख्या 201 है। मतलब, तेजस्वी यादव मौजूदा स्थिति में बहुमत साबित करने के लिए संख्या गिनती कराने का प्रयास करें तो 201 में कोई संशय नहीं है। उलटा, 2024 के 12 फरवरी जैसा खतरा भी उनकी तरफ ही मंडरा रहा है।