बिहार कैबिनेट ने राज्य में धार्मिक पर्यटन, कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, खनन और नागरिक उड्डयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास के लिए ₹2,520 करोड़ तथा सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹996.05 करोड़, यानी कुल ₹3,516.05 करोड़ की स्वीकृति प्रमुख फैसला है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार कैबिनेट ने राज्य के विकास, धार्मिक पर्यटन, जल प्रबंधन और रोजगार को लेकर कई बड़े फैसलों पर मंगलवार को मुहर लगा दी। कैबिनेट की बैठक के बाद दी गई जानकारी के अनुसार पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य, जल संसाधन और नागरिक उड्डयन जैसे प्रमुख विभागों के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
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गया में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास के लिए 3516.05 करोड़
गया स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक विष्णुपद मंदिर परिसर का विकास वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए 2520 करोड़ रुपये और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996.05 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
मंदिर परिसर, मल्टीलेवल कार पार्किंग, एलिवेटेड पथ, घाट विकास, सीता कुंड पीएफसी, पैदल पुल और डॉर्मिटरी का निर्माण बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।
सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के तहत इंद्रपुरी बैराज से 23 किलोमीटर अपस्ट्रीम में इंटेक वेल बनाकर 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी प्रवाहित किया जाएगा।
कृषि और बागवानी क्षेत्र को भारी आवंटन
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8979.684 लाख (89.79 करोड़ रुपये) की लागत से मखाना विकास योजना के कार्यान्वयन, निकासी और व्यय को मंजूरी दी गई।
वर्ष 2026-27 से 2027-28 (दो वर्षों) के लिए 7834.22 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई, जिसमें 2026-27 के लिए 6866.22 लाख रुपये की निकासी और व्यय को हरी झंडी मिली।
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नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम (NMEO-OP) के तहत 2026-27 में 210.00 लाख रुपये की निकासी एवं व्यय स्वीकृत किया गया।
रोजगार और स्वास्थ्य क्षेत्र में संविदा भर्ती
मेडिकल कॉलेजों में भर्ती: राज्य के पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों (बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर) में सहायक प्राध्यापक के रिक्त 366 पदों पर संविदा के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दंत महाविद्यालयों में शिक्षक: राजकीय दंत महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और व्याख्याता के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती होगी।
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय: पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए अनुदेशक के चार पद (पे-लेवल 06) और निम्नवर्गीय लिपिक के दो पद (पे-लेवल 02) के स्थायी सृजन पर होने वाले 45,98,832 रुपये के वार्षिक व्यय भार की मंजूरी मिली।
125 दिन का रोजगार: 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना
एक जुलाई 2026 से राज्य के सभी 38 जिलों में "विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)" (विकसित भारत-जी राम जी) योजना लागू होगी। इसके तहत इच्छुक वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का अकुशल मजदूरी रोजगार देने का प्रावधान है।
नदियों के लिए जल संरक्षण और गाद प्रबंधन नीति 2026
नदियों, बराजों और जलाशयों में जमी गाद को हटाने और निर्माण कार्यों (जैसे एनएच, रेलवे, सड़क) में मिट्टी की भराई के लिए इस गाद का उपयोग करने के उद्देश्य से बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति- 2026 को मंजूरी दी गई। साथ ही, जल संसाधन विभाग को बिहार आकस्मिकता निधि से 1000.00 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि की स्वीकृति मिली।
जेलों की जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल पंप
जेलों की खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने के मद्देनजर 'कारा पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट परिचालन नियमावली-2026' को स्वीकृति प्रदान की गई है।
केंद्रीय कारा पूर्णिया, शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा मुजफ्फरपुर, केंद्रीय कारा बक्सर और शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा भागलपुर की खाली पड़ी भूमि पर पेट्रोल पंप खोलने की स्वीकृति दी गई।
ईंट-भट्ठा व्यवसायियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट
ईंट सत्र 2024-2025 तक के ईंट-भट्ठों के बकाए स्वामित्व (रॉयल्टी) पर दर्ज नीलाम पत्र वादों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी मिली। बकाए में से केवल मूल राशि जमा करने पर ब्याज माफ कर दिया जाएगा और मामला निपटा दिया जाएगा। यह योजना तीन महीने के लिए लागू होगी।
नागर विमानन के क्षेत्र में 'Modified UDAN Scheme' के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय, AAI और बिहार सरकार के बीच एमओयू को मंजूरी दी गई। 'बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली, 2026' के गठन को भी स्वीकृति दी गई।
बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
खनन क्षेत्र में 'बिहार जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026' को लागू करने की स्वीकृति दी गई।
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरपुर (खगड़िया) के सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रवि शंकर प्रसाद को 17.11.2021 से लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवाच्युत करने का निर्णय लिया गया।