Bihar CM Nitish Kumar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परिवारवाद के खिलाफ बोलते रहे और अब अंत में उनके बेटे ने राजनीतिक पारी शुरू कर दी। जदयू ज्वाइन कर लिया, हालांकि पद नहीं बताया गया। क्या है निशांत कुमार का पूरा परिचय, उम्र, पढ़ाई वगैरह?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाईटेड में शामिल हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री विजेंद्र यादव, विजय चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के सामने कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। हालांकि वह पार्टी में क्या भूमिका निभाएंगे यह फिलहाल साफ नहीं हुआ है। जदयू दफ्तर में जश्न का माहौल है। सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद जो कार्यकर्ता नाराज हुए थे, वह आज काफी उत्साहित दिखे। निशांत ने सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उमेश कुशवाहा ने निशांत को इंजीनियर कहकर संबोधित किया। अब सोशल मीडिया पर निशांत कुमार के बारे में लोग सर्च कर रहे हैं। उनके बारे में जानना चाह रहे हैं। आइये जानते हैं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के बारे में...
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कहां तक पढ़े हैं निशांत कुमार
निशांत का जीवन सादा और लाइमलाइट से दूर रहने वाले लोगों में से एक हैं। मुख्यमंत्री के इकलौते बेटे होने के बावजूद वह बेहद ही सादगी से रहते हैं। आध्यात्म की ओर उनका काफी झुकाव है। हमेशा साधा कपड़ों में ही दिखते हैं। 20 जुलाई 1975 को जन्मे निशांत कुमार की शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से हुई। इसके बाद वह मसूरी चले गए। यहां पर मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद निशांत ने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं निशांत कुमार
जदयू की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, निशांत कुमार तीन करोड़ 68 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं। इनके पास एक करोड़ 28 लाख रुपये की जमा राशि है। यह राशि बैंक और एफडी के रूप में जमा है। वहीं करीब दो करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। इसमें खेती की जमीन और मकान है। यह संपत्ति उन्हें उनकी मां मंजू सिन्हा के निधन के बाद मिला।
जदयू में शामिल होने के बाद क्या बोले?
जदयू में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं जदयू के कार्यकर्ता, नेता और बिहार की जनता को नमन करता हूं। मैं आज से पार्टी का सदस्य बन चुका हूं। एक कार्यकर्ता के रूप में मैं हमेशा पार्टी की सेवा करता रहूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने की घोषणा की है। यह उनका निजी फैसला है। मैं इस फैसले का आदर करता हूं। उन्होंने ने कहा कि मेरे पिता ने बिहार की जनता के जो काम किया है, उसे मैं जनता तक बढ़ाने का काम करूंगा। आप सब ने जो विश्वास किया, उस पर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। जनता के हृदय में खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने जनता के जो किया, वह सबको याद रहेगा। जनता को मेरे पिता पर गर्व है। आज से मैं शुरुआत कर रहा हूं। अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है। इसके लिए मुझे जनता का आशीर्वाद चाहिए। मैं आप सभी को नमन करता हूं।