Bihar : पटना में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। आज इस मामले को समझने के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम भी पहुंची और , परिजनों से मुलाक़ात की। परिजनों ने पुलिस पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं।
पटना जिले के मनेर में एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या के मामले में जांच के लिए बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तीन सदस्यीय टीम पहुँची। आयोग की टीम पीड़ित परिजनों से मुलाकात कीऔर फिर पूरी घटना की जानकारी ली।
जांच के दौरान पीड़ित परिजनों ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य शीला पंडित, हुलेश मांझी और राकेश कुमार सिंह को बताया कि पुलिस अगर तत्पर रहती तो उनकी बेटी शायद आज जिंदा रहती। उन्होंने बताया कि घटना की रात दुष्कर्मी व हत्यारे उसे बागीचे में ही बंधक बनाकर रखे हुए थे। इस घटना में कई लोग शामिल हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक सिर्फ एक आरोपी को ही गिरफ्तार कर पाई है। जिस बेरहमी से हमारी बेटी की हत्या हुई है, हम सब सदमे में भूखे प्यासे रह रहे है।
परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बदले हमलोगों को साथ देने वालों पर ही केस कर दी है। परिजनों कहना है कि हमें कुछ नही चाहिए हम सिर्फ उसे फांसी के फंदे पर लटकता देखना चाहते हैं, जो हमारी बेटी के साथ यह कृत्य किया और उसे मार डाला। आयोग की सदस्य शीला पंडित ने मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार से पूछा कि कितने लोगों की अब तक गिरफ्तारी हुई है। बार-बार इन लोगों का कहना है कि इस घटना में कई लोग शामिल थे, जिस पर थानाध्यक्ष ने बताया कि दो और लोगों को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।