बिहार में कुछ माह पहले हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही नीतीश कुमार और चिराग पासवान की आपस में नहीं बन रही है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाद तीसरे नंबर पर जदयू रही थी। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड (जदयू) को कई सीटों पर चिराग पासवान की लोजपा की वजह से भी हार का सामना करना पड़ा था। जदयू इस बार सिर्फ भाजपा की वजह से ही सरकार बनाने में सफल हो पाई थी। तभी से ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश और चिराग पासवान में जंग छिड़ गई है।
इसी क्रम में अब नीतीश कुमार ने चिराग पासवान से बदला लेने का मन बना लिया है। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के एकमात्र विधायक राजकुमार सिंह पर अब नीतीश कुमार की नजर है। नीतीश कुमार राजकुमार को अपनी पार्टी का हिस्सा बनाना चाहते हैं। दरअसल, नीतीश कुमार के करीबी कहे जाने वाले मंत्री अशोक चौधरी के घर में सोमवार को एक कार्यक्रम हुआ था, जिसमें नीतीश और राजकुमार दोनों ही पहुंचे थे। तभी से राजनीतिक गलियारों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि इस कार्यक्रम में दोनों नेताओं के बीच पार्टी को बदलने की चर्चा हुई होगी।
खबर तो यह भी थी कि लोजपा के विधायक राजकुमार सिंह ने नीतीश कुमार का प्रस्ताव मान लिया है। हालांकि, राजकुमार ने ऐसी खबरों पर रोक लगाते हुए साफ कहा कि वे नीतीश की पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं। वह इस कार्यक्रम में सिर्फ इसलिए आए थे क्योंकि उनके अशोक चौधरी से बहुत पुराने संबंध हैं। अभी दो दिन पहले ही बहुजन समाज पार्टी के विधायक जमा खान जदयू में शामिल हो गए थे।. उन्हीं के साथ निर्दलीय विधायक सुमित सिंह ने भी जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी।