बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने शनिवार को कैमूर जिले के दुर्गावती स्थित कर्मनाशा में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कैमूर भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की एक योजना में 6 करोड़ रुपये की लूट हुई है।
सुधाकर सिंह ने दावा किया कि चैनपुर-चांद से दुर्गावती तक बहने वाली गेहूंनवा नदी की सफाई और खुदाई के नाम पर 60 अलग-अलग योजनाएं खोली गईं, लेकिन एक टोकरी मिट्टी तक नहीं निकली। बावजूद इसके, फर्जी वेंडरों के जरिए 6 करोड़ रुपये की निकासी कर ली गई।
उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही गंगा जल की चर्चा शुरू हो जाती है, जबकि बीते 20 वर्षों से इस इलाके की सिंचाई लरमा, विश्वकर्मा, तियारा और जैतपुर पंप कैनाल से होती आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जमानिया में गंगा की 800 क्यूसेक पानी की हिस्सेदारी बिहार को है, फिर केवल 400 क्यूसेक लेने की बात क्यों हो रही है और बाकी 400 क्यूसेक पानी छोड़ा क्यों जा रहा है। सांसद ने यूपी के लतीफशाह बैराज से निकलने वाली कर्मनाशा नहर का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस नहर की क्षमता 300 क्यूसेक है, लेकिन वर्तमान विधायक और सरकार इतनी मात्रा में भी पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
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पूर्व विधायक अंबिका यादव पर हमला करते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि 6 वर्ष तक विधायक रहने के बावजूद उन्होंने एक ढंग का सामुदायिक भवन तक नहीं बनवाया। वहीं, रामगढ़ के दो पूर्व विधायकों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने 12 वर्ष में जितना काम और सवाल उठाया, उससे कहीं अधिक काम उन्होंने केवल 11 दिन में कर दिखाया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब 2024 की मतदाता सूची सही थी तो 2025 की सूची अचानक गलत कैसे हो गई।
भारतमाला एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार सरकार किसानों का आर्थिक शोषण कर रही है। सुधाकर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला, तो कर्मनाशा बॉर्डर से झारखंड बॉर्डर तक किसान ट्रैक्टर रैली निकालकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि दुर्गावती के कर्मनाशा और खरसारा में फुट ओवर ब्रिज की स्वीकृति मिल गई है और खरसारा ओवर ब्रिज का टेंडर भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस इलाके के लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है।