नीतीश सरकार ने 2026-27 के लिए बजट की तैयारी शुरू कर दी है। नए वित्तीय वर्ष के जमा खर्च के लिए फरवरी माह के तीसरे सप्ताह बजट पेश करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, सत्र के तारीखों की घोषणा अब तक नहीं हुई है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार निरंतर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उर्जा, तकनीक, उद्योग समेत कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। बिहार नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता रोजगार सृजन है। इस पर मंथन शुरू हो गया है। इस बार का बजट बिहार के विकास की दृष्टिकोण से काफी अहम होगा।
पिछले पांच साल में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ा बिहार का बजट
आंकड़ें बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में बिहार के बजट का आकार तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2020-21 में जहां बजट करीब 2.11 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 3.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। यानी पांच साल में बजट में 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। सरकार इसे विकास की रफ्तार तेज होने का संकेत बता रही है। कोरोना काल के दौरान और उसके बाद पेश किए गए बजटों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि और बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता मिली। 2022-23 और 2023-24 के बजट में रोजगार सृजन और पलायन रोकने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई। वहीं 2024-25 और 2025-26 के बजट में शिक्षा को सबसे बड़ा हिस्सा मिला, जबकि स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी रिकॉर्ड प्रावधान किए गए।
| वित्तीय वर्ष | कुल बजट |
| 2020-21 | 2.11 लाख करोड़ रुपये |
| 2021-22 | 2.18 लाख करोड़ रुपये |
| 2022-23 | 2.37 लाख करोड़ रुपये |
| 2023-24 | 2.61 लाख करोड़ रुपये |
| 2024-25 | 2.78 लाख करोड़ रुपये |
| 2025-26 | 3.16 लाख करोड़ रुपये |