बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। यह विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार सरकार का पहला पूर्ण बजट है, जिस पर राज्य के विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर खास उम्मीदें टिकी हुई हैं।
राज्य सरकार ने सार्वजनिक परिवहन और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। योजना के अनुसार 100 प्रतिशत डीजल चालित सार्वजनिक बसों को सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य भर में 500 से अधिक हरित बस स्टॉप शुरू किए जाएंगे और 2,000 से अधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। राज्य के सभी प्रखंड और ग्राम पंचायतों को कवर करने वाले सीएनजी स्टेशन तथा भारी वाहन चालकों के लिए चार्जिंग सुविधाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, सभी प्रखंडों में 1,000 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र और प्रत्येक अनुमंडल में एक ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार
बिहार स्वच्छ ईंधन योजना 2023 के अंतर्गत पटना जिले में 38 निजी डीजल चालित सिटी बसों को सीएनजी चालित बसों में परिवर्तित किया गया है। वाहन प्रदूषण नियंत्रण के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा 266 सीएनजी और 25 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन किया गया है। मुख्य शहरों जैसे पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में सार्वजनिक परिवहन को सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक बस योजना के तहत 400 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन करने की योजना है।
इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग सुविधाओं को बढ़ावा
बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग स्टेशन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए वाहन खरीद पर प्रोत्साहन राशि और कर में छूट दी जाएगी। साथ ही सभी प्रखंडों को वाहन प्रदूषण जांच केंद्र से कवर करने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू की गई है।
ग्रामीण और प्रखंड परिवहन योजनाएं
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत राज्य के सभी पंचायतों में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने हेतु अब तक लगभग 45,900 लाभुकों को तिपहिया वाहन और 670 लाभुकों को एम्बुलेंस खरीद पर अनुदान दिया गया है। मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना के अंतर्गत प्रखंडों में बेहतर परिवहन साधन उपलब्ध कराने के लिए 200 लाभुकों को बस खरीद पर अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन चालकों और उनके परिवार के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री वाहन चालक कल्याण योजना 2024 अधिसूचित की गई है।
महिला और प्रशिक्षण पहल
वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में कुल 100 महिला स्पेशल पिंक बसों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, मोटर वाहन चालकों के प्रशिक्षण के लिए मोटर वाहन चालन प्रशिक्षण संस्थान प्रोत्साहन योजना के तहत संस्थान स्थापित करने पर 20 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। अब तक 29 जिलों में 35 मोटर वाहन चालन प्रशिक्षण संस्थानों के निर्माण पर लाभुकों को अनुदान प्रदान किया गया है।