बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। यह विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार सरकार का पहला पूर्ण बजट है, इसलिए इसे लेकर ग्रामीण विकास, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को लेकर खास अपेक्षाएं थीं। इस बजट में पंचायती राज विभाग से जुड़ी कई योजनाओं की प्रगति और भविष्य की दिशा को सामने रखा गया है।
राज्य की 8,053 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को सशक्त बनाने के लिए पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। सरकार के अनुसार अब तक 7,943 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 2,534 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा हो गया है। शेष भवनों का निर्माण विभिन्न चरणों में प्रगति पर है, जिससे पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को एक ही छत के नीचे संचालित करने में सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीण इलाकों में रोशनी के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट योजना
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को कवर किया जा रहा है। कुल 1,09,321 वार्डों में प्रति वार्ड 10 सोलर स्ट्रीट लाइट और प्रति पंचायत अतिरिक्त 10 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस तरह कुल लक्ष्य 11,73,740 सोलर स्ट्रीट लाइट का है। सरकार के अनुसार अब तक 8,90,705 सोलर स्ट्रीट लाइट का अधिष्ठापन पूरा कर लिया गया है। शेष कार्य को वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और आवागमन को बेहतर बनाया जा सके।
ग्रामीण सामाजिक जरूरतों के लिए विवाह मंडप योजना
मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह मंडप का निर्माण कराया जा रहा है। इस योजना के तहत अब तक कुल 1,000 विवाह मंडपों का कार्य शुरू किया गया है। सरकार का कहना है कि इन विवाह मंडपों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध होगा, साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह आयोजन में सहयोग मिल सकेगा।
जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण पर जोर
जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम के अंतर्गत भू-गर्भ जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 25,518 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। इसके साथ ही भू-गर्भ जल के संरक्षण के लिए 19,226 सोख्ताओं का निर्माण कराया गया है। सरकार ने बताया है कि शेष सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार और सोख्ताओं के निर्माण का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।
ग्रामीण विकास की निरंतरता पर सरकार का दावा
बजट में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पंचायती राज विभाग की योजनाओं के जरिए गांवों में प्रशासनिक ढांचा, आधारभूत सुविधाएं, सामाजिक संरचना और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन योजनाओं की जमीनी प्रगति और समयबद्ध पूर्णता आने वाले समय में इनके प्रभाव को तय करेगी।