प्रदर्शन करते विपक्ष के विधायक।
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कार्यपालक सहायक की नियुक्ति पर भी गरमाई बहस
सदन में कार्यपालक सहायकों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठा। मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि सरकार की ओर से कार्यपालक सहायकों की नियुक्ति बेल्ट्रॉन के जरिए की जाती है। इसकी परीक्षा ली जा रही है और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। इस पर विपक्ष ने सवाल किया कि क्या बेल्ट्रॉन एक आउटसोर्सिंग कंपनी है? मंत्री ने स्पष्ट किया कि बेल्ट्रॉन सरकार की संस्था है और भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। लेकिन इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और उन्होंने इस मुद्दे पर और चर्चा की मांग की।
वृद्धा पेंशन और दिव्यांग पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर भी प्रदर्शन
विधानसभा परिसर में विपक्ष के विधायकों ने वृद्धा पेंशन और दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भाकपा (माले) के विधायकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की। विपक्ष का कहना था कि सरकार गरीबों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पर्याप्त बजट आवंटित नहीं कर रही है, जिससे आम जनता को कोई राहत नहीं मिल रही।
‘आने वाले 50 सालों तक एनडीए पेश करेगा बजट’
सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा विधायक हरीभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि आने वाले 50 सालों तक बिहार में एनडीए सरकार रहेगी और बजट पेश करेगी। उन्होंने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें बिहार की जनता की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब राज्य विकास के रास्ते पर है और बिहार की जनता एनडीए सरकार को ही समर्थन देगी।
विपक्ष ने इस बजट को बताया चुनावी लॉलीपॉप
बजट को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। भाकपा (माले) नेता सत्येंद्र यादव ने कहा कि बिहार की जनता टकटकी लगाए हुए है, लेकिन इस बजट से उसे कोई फायदा नहीं होने वाला। यह बजट सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए है, आम जनता के लिए कुछ भी नहीं रखा गया है। यह बजट सिर्फ एक चुनावी लॉलीपॉप है, जिससे जनता को बरगलाने की कोशिश की जा रही है।
मुफ्त बिजली और वृद्धा पेंशन में वृद्धि की मांग
विधानसभा में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार से मुफ्त बिजली, वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी, रोजगार और किसानों के लिए विशेष प्रावधान करने की मांग उठी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और महागठबंधन के अन्य नेताओं ने सरकार से इन मांगों पर ध्यान देने को कहा। बताया जा रहा है कि इस साल का बिहार बजट तीन लाख दस हजार करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले साल के 2.78 लाख करोड़ रुपये के बजट से अधिक होगा।
सोमवार को पेश हो रहा बिहार सरकार का अंतिम बजट
नीतीश सरकार का अंतिम बजट सोमवार को पेश किया जा रहा है, क्योंकि इसी साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। पिछले साल वित्त मंत्री बनाए गए भाजपा नेता सम्राट चौधरी यह दूसरा बजट पेश करेंगे। विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी और दोपहर दो बजे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश किया जाएगा।