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Bihar : सवालों के डर से बचते नजर आए तेजस्वी, नहीं खुला गाड़ी का शीशा; राबड़ी आवास पर भी लगे मुर्दाबाद के नारे

सार

Bihar : पार्टी के विधायकों के द्वारा नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद भी तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से मुलाकात नहीं की। उन्होंने ऐसा क्यों किया, अब इस पर भी चर्चा हो रही है। दरअसल तेजस्वी उन सवालों से अब बचना चाहते हैं, जो रोहिणी के बयान के बाद उपजा है।  
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तेजस्वी यादव के साथ मीसा भारती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधान सभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के बाद अब तक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पत्रकारों के सामने नहीं आए। आज तो मौका भी था, लेकिन इसके बाद भी वह पत्रकारों से रुबरु नहीं हुए। दरअसल आज पोलो रोड़ स्थित तेजस्वी यादव के आवास पर राजद के प्रत्याशियों एवं निर्वाचित विधायकों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक लगभग ढ़ाई घंटे चली। बैठक समाप्त होने के बाद सभी विधायक और राजद प्रत्याशी वहां से निकल गए। अब पत्रकार तेजस्वी यादव के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। फिर कुछ देर के बाद तेजस्वी यादव अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ अपनी गाड़ी से बाहर निकले। पत्रकारों को लगा कि वह बाहर निकलकर उनके सवालों का जवाब देंगे, लेकिन यह क्या? न तो उन्होंने अपनी गाड़ी से शीशे नीचे उतारे और न ही वह खुद गाड़ी से बाहर आए। बंद शीशे की गाड़ी से आगे बढ़ते चले गए और पत्रकार तेजस्वी यादव को पुकारते रह गए। कुछ पत्रकारों ने रोहिणी आचार्य का भी नाम लिया, लेकिन आज तेजस्वी यादव सब बातों को अनसुना कर आगे बढ़ गए।

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इस वजह से बचते नजर आए तेजस्वी 

तेजस्वी यादव बिना पत्रकारों से मिले बंद गाड़ी में चले गए, क्यों कि उन्हें भी पता था कि आज पत्रकार उनसे क्या सवाल करेंगे। दरअसल रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर चप्पल से मारने का जो गंभीर आरोप लगाया है, उस सवाल का जवाब देने से तेजस्वी यादव बचना चाहते थे। रोहिणी को चप्पल से किसने मारा यह अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन रोहिणी ने इतना जरुर कहा कि मुझे चप्पल किसने मारा और मुझे घर से किसने निकाला, इसका जवाब आप तेजस्वी यादव, संजय यादव और रफीक से पूछिए, और यह बात तय है कि रोहिणी को चप्पल मारने का दुस्साहस न तो संजय यादव में है और न ही रफीक में। इसलिए इस सवाल का जवाब अब रोहिणी के अलावे सिर्फ तेजस्वी यादव ही दे सकते हैं कि आखिर रोहिणी के साथ राबड़ी आवास में क्या हुआ और उन्हें चप्पल से किसने मारा या उन पर चप्पल किसने फेंका।

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संजय यादव और नारेबाजी करते राजद कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
राबड़ी आवास के सामने खूब लगे संजय यादव मुर्दाबाद के नारे 
वहीं दूसरी तरफ संजय यादव को लेकर लालू परिवार के बाद अब घर के बाहर सड़क पर भी आक्रोश बढ़ने लगा है। आज राजद के कार्यकर्ताओं ने राबड़ी आवास के बाहर तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने संजय यादव के खिलाफ "संजय यादव मुर्दाबाद" के नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी की हार संजय यादव के कारण ही हुई है। इसलिए पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले संजय यादव को वापस हरियाणा भेज दिया जाय, ताकि राजद और लालू परिवार को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इन्होने न सिर्फ घर तोड़ा बल्कि पार्टी भी तोड़ दी।
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