बीईओ ने बनाई छह महीने बाद तक की उपस्थिति
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कुछ शिक्षकों का यह मानना है कि यह भूल चूक एक रजिस्टर पर हो सकती है। लेकिन उनके द्वारा दो रजिस्टरों पर हस्ताक्षर करने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं नवल किशोर सिंह पर कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि प्राथमिक विद्यालय निजामत और प्राथमिक विद्यालय जलालपुर मुसहरी, धनरूआ का प्रभार एक ही प्राचार्य अशोक कुमार को सौंप दिया गया है। जबकि दोनों विद्यालयों के बीच की दूरी लगभग 15 से 20 किलोमीटर के आसपास बताई जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि विद्यालय संचालन के नाम पर अशोक कुमार के द्वारा 25 हजार रुपये की निकासी भी की गई है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नवल किशोर सिंह पर कुछ शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया है कि बैरही पंचायत के एक शिक्षक ओमप्रकाश जो मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं, वे पिछले कई वर्षों से अनुपस्थित रहने के बावजूद भी लगातार वेतन उठा रहे हैं।
इन सभी आरोपों को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान 10 अप्रैल की जगह 10 अक्टूबर के हस्ताक्षर बनाना उनकी भूल थी। वह इसे अभिलंब सुधार लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक विद्यालय निजामत और जलालपुर मुसहरी में एक प्राचार्य अशोक कुमार को दो विद्यालय का प्रभार सौंपने का उनका मकसद यह था कि स्थान खाली होने के बाद वहां कोई जाना नहीं चाहता था। एक मानसिक रूप से विक्षिप्त शिक्षक के वेतन उठाए जाने पर उन्होंने बताया कि एक दुर्घटना के तहत उनकी मानसिक हालत काफी दयनीय हो गई थी। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से उनका वेतन बंद कर दिया गया है।