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Bihar Vidhan Sabha: विधानसभा में विधायकों ने संस्कृत, मैथिली और उर्दू में ली शपथ, जानिए और क्या-क्या हुआ?

Mon, 01 Dec 2025 02:36 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Assembly Session: बिहार चुनाव के बाद पहली बार आज से 18वें विधानसभा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान कुल पांच बैठकें होंगी। आज चुने हुए विधायक शपथ लिया। इनके स्वागत के लिए इस बार विधानसभा को रिनोवेट किया गया है। इस बार सदन पूरी तरह से पेपरलेस हो गया है।
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NDA के विधायकों के साथ सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में 18वीं विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो गया है। पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा चुनाव में जीत कर आये विधायकों ने एक एक कर शपथ लिया।  करीब छह विधायक शपथ नहीं ले पाए। वह मंगलवार को शपथ लेंगे। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव सभी को शपथ दिलाईं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शपथ लिया। इस बार तेजस्वी यादव का अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने सम्राट चौधरी से हाथ मिलाया और सीएम नीतीश कुमार से इशारों में बात की। वहीं शपथ लेने के बाद मंत्री रामकृपाल यादव तेजस्वी से गले मिले। 

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इधर, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शपथ लेने के बाद सीएम नीतीश कुमार का पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। वहीं आठवीं बार जीतकर सदन पहुंचे प्रेम कुमार ने सदन को नमन किया तब अंदर गए। बाहुबली राजवल्लभ यादव की पत्नी और जदयू विधायक विभा देवी ठीक से शपथ नहीं पढ़ पाईं। वहीं मोकामा विधायक अनंत सिंह आज शपथ लेने जेल से नहीं पहुंच पाए। इधर, सदन के अंदर पहली पंक्ति में सीएम नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल बैठे दिखे। इधर, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए विधायक प्रेम कुमार ने नामांकन कर दिया है।

इन विधायकों ने उर्दू और मैथिली में ली शपथ
इस बार विधायक अरुण शंकर प्रसाद, सुजीत पासवान, विनोद नारायण झा, आसिफ़ अहमद, माधव आनंद, मीणा कुमारी, नीतीश मिश्रा और सबसे कम उम्र की विधायक मैथिली ठाकुर ने मैथिली भाषा में शपथ ली। मैथिली ठाकुर ने मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी और पाग पहन कर आईं। भाजपा के मिथिलेश तिवारी ने संस्कृत में शपथ ली। वहीं विधायक आबिदुर रहमान, कमरूल होदा, सरबर आलम, विधायक व AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और विधायक मुर्शीद आलम ने उर्दू में शपथ ली।

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इस बार सदन की तस्वीर काफी बदली हुई है। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत मिला। इनके 202 विधायक इस बात जीतकर आये हैं। वही महागठबंधन के 35 विधायक ही इस बार सदन पहुंच पाए हैं। पिछली विधानसभा की तुलना में इस बार विपक्ष संख्या बल में कमजोर है। हालांकि इसके बावजूद विपक्ष के नेता सरकार को गर्ने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं। इसको लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की बैठक भी हो चुकी है। विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारी में है।
 
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इधर, इस बार विधानसभा में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सदन पूरी तरह से पेपरलेस हो गया है। अब विधायकों का सवाल पूछना, जवाब प्राप्त करना, भाषण देना और अन्य सभी काम डिजिटल फॉर्मेट में टैबलेट के माध्यम से होंगे। विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों को भी टैबलेट दिए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष टैबलेट की मदद से सदन की कार्यवाही संचालित करेंगे। विधानसभा में कुल 243 विधायक अपनी सीट पर टैबलेट का इस्तेमाल करेंगे। उनके भाषण और सवाल पहले ऐप पर अपलोड होंगे, जिन्हें जरूरत के अनुसार सदन में इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह पूरा सदन हाईटेक और आधुनिक बन गया है। ऐसा बिहार विधानसभा में पहली बार हो रहा है। इसके लिए सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। 
 
आज से पांच दिसंबर तक चलेगा सत्र
बिहार चुनाव के बाद बुलाए गए सत्र पहले दिन यानी एक दिसंबर को विधायकों का शपथग्रहण होगा। वहीं दो दिसंबर को विधानसभा के अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। अध्यक्ष पद की रेस में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार का नाम सबसे आगे हैं। हालांकि, जनता दल यूनाईटेड इस बार अपने पास विधानसभा अध्यक्ष का पद रखना चाहती है। इस पर मंथन चल रहा है। अगले 24 घंटे के अंदर अध्यक्ष पद पर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। तीन दिसंबर को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। चार दिसंबर को सरकार का फ्लोर टेस्ट और पांच दिसंबर को विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा।
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