इस बार सदन की तस्वीर काफी बदली हुई है। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत मिला। इनके 202 विधायक इस बात जीतकर आये हैं। वही महागठबंधन के 35 विधायक ही इस बार सदन पहुंच पाए हैं। पिछली विधानसभा की तुलना में इस बार विपक्ष संख्या बल में कमजोर है। हालांकि इसके बावजूद विपक्ष के नेता सरकार को गर्ने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं। इसको लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की बैठक भी हो चुकी है। विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारी में है।
इधर, इस बार विधानसभा में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सदन पूरी तरह से पेपरलेस हो गया है। अब विधायकों का सवाल पूछना, जवाब प्राप्त करना, भाषण देना और अन्य सभी काम डिजिटल फॉर्मेट में टैबलेट के माध्यम से होंगे। विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों को भी टैबलेट दिए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष टैबलेट की मदद से सदन की कार्यवाही संचालित करेंगे। विधानसभा में कुल 243 विधायक अपनी सीट पर टैबलेट का इस्तेमाल करेंगे। उनके भाषण और सवाल पहले ऐप पर अपलोड होंगे, जिन्हें जरूरत के अनुसार सदन में इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह पूरा सदन हाईटेक और आधुनिक बन गया है। ऐसा बिहार विधानसभा में पहली बार हो रहा है। इसके लिए सारी तैयारी पूरी हो चुकी है।
आज से पांच दिसंबर तक चलेगा सत्र
बिहार चुनाव के बाद बुलाए गए सत्र पहले दिन यानी एक दिसंबर को विधायकों का शपथग्रहण होगा। वहीं दो दिसंबर को विधानसभा के अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। अध्यक्ष पद की रेस में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार का नाम सबसे आगे हैं। हालांकि, जनता दल यूनाईटेड इस बार अपने पास विधानसभा अध्यक्ष का पद रखना चाहती है। इस पर मंथन चल रहा है। अगले 24 घंटे के अंदर अध्यक्ष पद पर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। तीन दिसंबर को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। चार दिसंबर को सरकार का फ्लोर टेस्ट और पांच दिसंबर को विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा।