बिहार विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत होते ही सदन में विपक्षी दलों के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष के नेता बोलने के लिए समय की मांग को लेकर अपनी-अपनी सीटों से खड़े हो गए और सदन में शोर-शराबा शुरू कर दिया। स्थिति को संभालते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विपक्षी सदस्यों को शून्य काल में समय देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सदन का माहौल शांत हुआ।
हाथ जोड़कर नीतीश कुमार से मिले अनंत सिंह
इसके बाद सदन की कार्रवाई शपथ ग्रहण से शुरू हुई। सर्वप्रथम मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने शपथ ली। शपथ लेने के बाद अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले। इस दौरान वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत करते हुए हाथ जोड़कर कुछ देर तक खड़े रहे। इसके बाद सदन की आगे की कार्यवाही विधिवत रूप से शुरू हुई।
बिहार के सभी प्रखंडों में खुलेगा डिग्री कॉलेज
सदन में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षक स्थानांतरण और उच्च शिक्षा के विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक कुल 1 लाख 27 हजार 240 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने बताया कि बिहार के विभिन्न जिलों के प्रखंडों में अब तक 213 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं। शेष बचे प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने के लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों के भीतर सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना को पूरा करना है।
विपक्षी दलों ने किया सवाल
हालांकि, विपक्षी दलों ने शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। विपक्ष का कहना था कि कई शिक्षकों को अपने गृह जिले से 300 से 500 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बना रही है, जबकि प्रभावित शिक्षकों में बड़ी संख्या महिला शिक्षकों की भी है।
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खनन माफियाओं के खिलाफ बनेंगे उड़न दस्ता टीम
इसी बीच सदन की कार्रवाई के दौरान बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खनन माफियाओं पर सख्त रुख अपनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार में खनन माफियाओं का अब खैर नहीं है और ऐसे लोगों पर हर हाल में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ओवरलोड वाहनों के मामले में देश में बिहार पहले स्थान पर है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
खनन माफियाओं और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए उड़न दस्ता टीम का गठन किया जा रहा है। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने सदन में यह भी घोषणा की कि बड़े वाहनों में ओवरलोडिंग का वीडियो भेजने वालों को 10 हजार रुपये और ओवरलोड ट्रैक्टर का वीडियो भेजने वालों को 5 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले भी इस योजना के तहत लोगों को इनाम दिया जा चुका है।
बजट सत्र के पहले दिन सदन में हंगामा, घोषणाएं और आरोप-प्रत्यारोप के बीच कार्यवाही आगे बढ़ी, जिससे आने वाले दिनों में सत्र के और अधिक गरम रहने के संकेत मिले।