मंत्रियों के शपथ और विभाग आवंटन के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष पद पर चर्चा चल रही है। भाजपा पिछली बार की तरह इस बार अध्यक्ष पद अपने पास रखना चाहती है। सीएम नीतीश कुमार की पार्टी यह पद अपने पास रखना चाहती है। आइए जानते हैं किन नामों की चर्चा हो रही है...
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मंत्रियों को विभाग आवंटित किए जाने के एक दिन बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए खींचतान चल रही है। भाजपा और जदयू अपने-अपने कोटे से विधानसभा अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। भाजपा की ओर से गया टाउन सीट से लगातार नौवीं बार निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक विधायक प्रेम कुमार को अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि वह पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वहीं जदयू की ओर से झाझा से विधायक दामोदर रावत का नाम भी दावेदारों में शामिल है। 17वीं विधानसभा में अध्यक्ष पद भाजपा के पास था। नंद किशोर यादव को स्पीकर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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संभावना है कि अगले माह के पहले सप्ताह में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा, ताकि सभी 243 निर्वाचित सदस्य शपथ ले सकें और अध्यक्ष का चुनाव कर सकें। इसका निर्णय 25 नवंबर को होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा। इधर, एनडीए के एक घटक दल के वरिष्ठ नेता ने बताया, “राज्यपाल सबसे पहले प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करेंगे, जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
प्रेम कुमार का नाम पहले नंबर पर
बताया जा रहा है कि एनडीए के दोनों प्रमुख घटक भाजपा और जदयू अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। हालांकि, इस सूची में भाजपा के वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार का नाम पहले नंबर पर है।प्रेम कुछ पिछली एनडीए सरकार में सहकारी मंत्री थे। उन्होंने इस बार कांग्रेस उम्मीदवार अखौरी ओंकारनाथ को 26,423 मतों के अंतर से हराया है। वे 2015 से 2017 तक बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। इधर, जदयू समर्थकों का मानना है कि चूंकि भाजपा के अवधेश नारायण सिंह विधान परिषद के सभापति हैं, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष का पद नीतीश कुमार की पार्टी को मिलना चाहिए। अगर ऐसा होता है कि भाजपा उपाध्यक्ष पद ले सकती है।