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Bihar: मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार के बाद अब नई छलांग की तैयारी, बिहार ने गेट्स फाउंडेशन संग MOC किया रिन्यू

Fri, 13 Feb 2026 06:40 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार सरकार ने गेट्स फाउंडेशन के साथ सहयोग ज्ञापन को पांच वर्षों के लिए नवीनीकृत किया। अप्रैल 2026 से लागू समझौते के तहत स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग मिलेगा। 2030 तक एसडीजी लक्ष्य हासिल करने की दिशा में प्रयास तेज किए जाएंगे।

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सम्राट चौधरी के साथ मंगल पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार सरकार ने गेट्स फाउंडेशन के साथ चल रहे सहयोग ज्ञापन (एमओसी) का नवीनीकरण अगले पांच वर्षों के लिए कर दिया है। यह नया समझौता अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और वर्ष 2031 तक लागू रहेगा। इसके तहत स्वास्थ्य समेत अन्य संबंधित विभागों को तकनीकी सहयोग दिया जाएगा, ताकि राज्य सरकार अपने विकास लक्ष्यों को तेजी से हासिल कर सके।

पुराना सचिवालय सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। बिहार सरकार की ओर से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और गेट्स फाउंडेशन की भारत निदेशक अर्चना व्यास ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। राज्य सरकार और गेट्स फाउंडेशन के बीच वर्ष 2010 से साझेदारी जारी है और पिछले 15 वर्षों में इसे कई बार आगे बढ़ाया गया है।

2030 के सतत विकास लक्ष्यों पर फोकस

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उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गेट्स फाउंडेशन का तकनीकी सहयोग और विशेषज्ञता बिहार को 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति में गति देगा। उन्होंने इस नवीनीकरण को राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने स्वास्थ्य और विकास सूचकांकों में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है। वर्ष 2011 के बाद से मातृ और शिशु मृत्यु दर में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आई है, जो राज्य की बड़ी उपलब्धि है।

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उन्होंने बताया कि राज्य का मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) घटकर 104 तक आ गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक इसे चरणबद्ध तरीके से 70 तक लाया जाए। संस्थागत प्रसव दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार यह दर 76.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके अलावा पूर्ण टीकाकरण कवरेज 93 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो राज्य के मजबूत होते स्वास्थ्य तंत्र का संकेत है।

तकनीकी सहयोग से और मजबूत होगा सिस्टम
मंगल पांडेय ने कहा कि यह सहयोग केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की संस्थागत क्षमता बढ़ाने और सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर भी केंद्रित है। दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में भी यह साझेदारी अहम भूमिका निभाएगी। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह समझौता राज्य की संस्थागत क्षमता निर्माण और प्रणाली सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

अर्चना व्यास ने कहा कि गेट्स फाउंडेशन बिहार के साथ मिलकर स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग जारी रखेगा। उद्देश्य है कि रोग और गरीबी का बोझ कम हो तथा लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और बेहतर आजीविका के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह, गेट्स फाउंडेशन के स्वास्थ्य निदेशक रजनी वैद्य, स्वास्थ्य उपसचिव डॉ देवेन्द्र खंडैत, आकाश, डॉ हेमंत शाह, विनोद दुबे और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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