बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को अपनी माता परमेश्वरी देवी की 14वीं पुण्यतिथि पर कल्याण बिगहा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया। इस विशेष अवसर पर बिहार के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान भी पहली बार मुख्यमंत्री के पैतृक गांव पहुंचे, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
मुख्यमंत्री अपने पुत्र निशांत और बड़े भाई सतीश कुमार के साथ स्वर्गीय रामलखन सिंह वाटिका पहुंचे। जहां उन्होंने माता परमेश्वरी देवी के स्मृति चिन्ह पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक दिखाई दिए। निशांत ने भी अपनी दादी के स्मृति चिन्ह पर पुष्प अर्पित किए। साथ ही स्वर्गीय रामलखन सिंह एवं मंजू सिंह के स्मृति चिन्ह पर भी श्रद्धा सुमन चढ़ाए गए। राज्यपाल मो. आरिफ खान ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किए।
कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने वाटिका से बाहर निकलते ही उपस्थित जनसमूह से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। जनता ने माता परमेश्वरी देवी अमर रहे के नारे लगाए। इसके बाद मुख्यमंत्री राज्यपाल के साथ अपने पैतृक आवास गए, जहां कुछ समय बिताने के बाद सड़क मार्ग से पटना के लिए रवाना हो गए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष मो अरशद और बिहार शरीफ अध्यक्ष गुलरेज अंसारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पुण्यतिथि के अवसर पर निर्गुण का भी आयोजन किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की भी भारी संख्या में उपस्थिति रही।
इस अवसर पर नालंदा के प्रभारी मंत्री विजय चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मुख्य प्रवक्ता डॉ. धनंजय देव, महमूद बख्खो, रंजीत कुमार, पूर्व अध्यक्ष बनारस प्रभारी सिन्हा, देवन प्रसाद, अति पिछड़ा अध्यक्ष अजय चंद्रवंशी, विकास कुमार, रोहित कुमार, विजय कुमार सिंह, हरनौत अध्यक्ष रविकांत कुमार, धीरज पटेल, राहुल रंजन कुशवाहा, राकेश पटेल, जनार्दन पंडित, डॉ. वसुंधरा कुमारी, जयप्रकाश, कुमार मंगलम समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और समस्त ग्रामीण मौजूद रहे।