बिहार सरकार ने मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसूति एवं स्त्री रोग सेवाओं के लिए आवश्यक आधुनिक चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय लोक स्वास्थ्य मानक (आईपीएचएस) के अनुरूप अस्पतालों में सुविधाओं को मजबूत करना और गर्भवती महिलाओं को बेहतर एवं सुरक्षित प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सरकारी अस्पतालों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से सभी संबंधित सिविल सर्जनों और अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि प्रसूति एवं स्त्री रोग (ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) ऑपरेशन थिएटर (ओटी) तथा लेबर, डिलीवरी एवं रिकवरी (एलडीआर) कॉम्प्लेक्स के लिए आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस पहल का मकसद सरकारी अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और मानक आधारित बनाना है।
आईपीएचएस मानकों के अनुसार होगा गैप एनालिसिस
निर्देश के अनुसार, प्रत्येक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध चिकित्सीय उपकरणों का विस्तृत गैप एनालिसिस किया जाएगा। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किस अस्पताल में कौन-कौन से उपकरणों की कमी है। आवश्यकता का आकलन करने के बाद समयबद्ध तरीके से आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और संस्थागत प्रसव सेवाएं पहले से अधिक सुदृढ़ बन सकेंगी।
ईएमएमएस पोर्टल के माध्यम से भेजी जाएगी मांग
राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन अस्पतालों में आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, उनकी मांग बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) के इक्विपमेंट मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट सिस्टम (ईएमएमएस-ई-उपकरण) पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जल्द भेजी जाए। इससे उपकरणों की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित की जा सकेगी और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहेंगी।
ये प्रमुख उपकरण होंगे उपलब्ध
जारी निर्देशों के अनुसार ऑपरेशन थिएटर और एलडीआर कॉम्प्लेक्स के लिए कई महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
इनमें प्रमुख रूप से—
- मेजर ऑपरेशन टेबल
- एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन
- इलेक्ट्रिकल सक्शन मशीन
- फ्लैश ऑटोक्लेव
- 12 चैनल ईसीजी मशीन
- फीटल डॉप्लर
- अन्य आवश्यक प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी चिकित्सा उपकरण
सभी अस्पतालों को उपलब्ध उपकरणों और आवश्यकताओं के अनुसार सूची तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का यह कदम सरकारी अस्पतालों में प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने कहा कि आवश्यक उपकरण उपलब्ध होने से सरकारी अस्पतालों में प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।
रेफरल कम होगा, घर के पास मिलेगी बेहतर सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस पहल के बाद मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम होगी। गर्भवती महिलाओं को अपने घर के नजदीक ही सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण प्रसूति सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग लगातार आवश्यक संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।