बेउर जेल पटना और पीरबहोर थाना पटना
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बिहार के पटना की बेउर जेल में दो साल से बंद पश्चिम बंगाल के एक कैदी की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वह जाली नोट के कारोबार के आरोप में बंद था। मौत के बाद कैदी को पश्चिम बंगाल में उनके परिजनों के पास भेजने को लेकर बेउर जेल और पीरबहोर थाना के बीच ठन गई।
किस बात को लेकर है झगड़ा
दरअसल, इस मामले को लेकर बेउर जेल प्रशासन का मानना है कि कैदी की मौत इलाज के दौरान पटना के पीएमसीएच में हुई है। इसलिए उसके शव को घर तक पहुंचाने की जिम्मेवारी पीरबहोर थाना की है। वहीं, दूसरी तरफ पीरबहोर थाने का यह मानना है कि वह कैदी पटना के बेउर जेल का था। इसलिए उसके शव को परिजनों तक पहुंचाने की जिम्मेवारी बेऊर जेल को है। इसे लेकर कैदी का शव समाचार लिखे जाने तक पटना के पीएमसीएच के पोस्टमार्टम वार्ड में पड़ा था।
शव मिलने को लेकर चिंता में डूबा कैदी का परिवार
पश्चिम बंगाल का एक कैदी गुलाम मुर्तजा साल 2021 से जाली नोट कारोबार के मामले में बेउर जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि बुधवार को अचानक उसकी तबीयत खराब होने के बाद इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच में भेजा गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन की तरफ से इसकी सूचना उसके परिजनों को दी गई है।