रीतलाल यादव की बातें सुनकर सभी हैरान हो गए। दरअसल, विधायक बनने के बाद यादव अपनी छवि को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं लंबे समय से बहुत दुखी हूं। मैं इसे लेकर मीडिया के सामने अपनी बात रखना चाहता था। लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि कैसे कहूं।
उन्होंने कहा कि सात-आठ लोग मेरे नाम पर लोगों को फोन करके रंगदारी मांग रहे हैं। वे दो से बीस लाख तक की रंगदारी मांगते हैं। वे लोगों को फोन करके कहते हैं कि मैं विधायक बोल रहा हूं। 15 लाख रुपये दो नहीं तो तुम्हारे बेटा का काम तमाम कर दूंगा। तुम्हारे पूरे परिवार का सत्यानाश कर दूंगा। जानते नहीं हो कि हम कौन हैं, रीतलाल यादव नाम है मेरा।
राजद विधायक ने बताया कि कई बार उनके भाई के नाम पर भी रंगदारी मांगी जाती है। इतना ही नहीं रंगदारी मांगने का ऑडियो तक वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि आवाज सुनकर मैं चकित था क्योंकि ऐसा लग रहा था कि मैं ही बोल रहा हूं। जब कुछ पीड़ित मेरे घर रंगदारी मांगने की शिकायत लेकर पहुंचे तब मुझे सारी बात पता चली।
भाजपा से झटकी सीट
दानापुर सीट वीआइपी सीटों में शुमार है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी यहां से 1995 और 2000 में चुनाव जीत चुके हैं। फिलहाल यह सीट भाजपा के कब्जे में थी। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में रीतलाल ने भाजपा को हराकर यहां जीत हासिल की है।
मनी लॉड्रिंग के मामले में जेल में थे बंद
रीतलाल मनी लॉड्रिंग और कुछ फौजदारी मामलों में पटना की ब्योर जेल में बंद थे। उन्हें बीच में भागलपुर भी शिफ्ट किया गया था। फरवरी 2020 में बेटी की शादी के लिए पटना उच्च न्यायालय ने उन्हें 15 दिनों की औपबंधिक जमानत दी थी। वे छह साल नौ महीने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल में बंद रहे थे।