जापान ने मलेशिया को 4-1 से हराया
- फोटो : अमर उजाला
एशियन महिला हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के कांस्य पदक मुकाबले में जापान ने मलेशिया को 4-1 से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस जीत के साथ जापानी महिला हॉकी टीम ने न केवल टूर्नामेंट में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया, बल्कि एशियाई हॉकी के शीर्ष दावेदारों में अपनी स्थिति को और पुख्ता किया।
शानदार शुरुआत और बढ़त
मैच की शुरुआत से ही जापान ने आक्रामक रुख अपनाया और मलेशिया पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। तीसरे मिनट में जापान की स्टार खिलाड़ी मायूरी होरिकावा ने शानदार गोल कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद भी जापानी टीम ने मलेशिया को संभलने का मौका नहीं दिया और लगातार हमले किए। दूसरे क्वार्टर में जापानी खिलाड़ी हीरोका मुरायामा ने बेहतरीन मैदानी गोल से स्कोर 2-0 कर दिया। टीम की आक्रामकता यहीं नहीं रुकी और अयाना तमुरा ने 28वें मिनट में तीसरा गोल दाग दिया। मध्यांतर से पहले मियु हासेगावा ने चौथा गोल कर टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
मलेशिया की संघर्षपूर्ण वापसी
हालांकि मलेशिया ने हार नहीं मानी और खेल के अंतिम क्वार्टर में बेहतर प्रदर्शन किया। मलेशियाई खिलाड़ी अजमारा अजहरी ने 48वें मिनट में अपनी टीम के लिए एकमात्र गोल कर स्कोर 4-1 किया। लेकिन यह जापान की जीत को चुनौती देने के लिए पर्याप्त नहीं था।
जापान की तकनीकी दक्षता
मैच के दौरान जापानी खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता और सामंजस्य ने मलेशिया को हर पहलू में पछाड़ दिया। उनकी सटीक पासिंग, शानदार ड्रिबलिंग और आक्रामक शॉट्स ने मलेशियाई डिफेंस को तोड़ दिया। जापान की टीम ने पूरे मैच में अपना वर्चस्व बनाए रखा और मलेशिया को बैकफुट पर रखा।
आगामी एशियाई खेलों की तैयारी
यह मुकाबला आगामी एशियाई खेलों की तैयारियों के लिहाज से भी अहम था। जापान का यह प्रदर्शन स्पष्ट संकेत देता है कि वह एशियाई खेलों में एक मजबूत दावेदार के रूप में उतरेगी। वहीं, मलेशिया को अपनी रणनीतियों और डिफेंस पर और काम करने की जरूरत है।