शहर में मानसिक रूप से बीमार महिलाओं के लिए चलाए जाने वाले एक आश्रय गृह में एक लड़की सहित दो महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
राजीव नगर थाना अध्यक्ष रोहन कुमार ने बताया कि इस मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है जिनमें आश्रय गृह का संचालन करने वाली स्वयंसेवी संस्था अनुमाया के सचिव चिरंतन कुमार और कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल को कल देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया था।
वहीं आश्रय गृह में रह रही महिलाओं का इलाज करने वाला एक चिकित्सक और एक नर्स फरार हैं। पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने चिरंतन और मनीषा से कल देर शाम तक लंबी पूछताछ की थी।
हालांकि मामले सामने आने के बाद से पूर्व मॉडल मनीषा की विभिन्न दल के राजनेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ सत्ता के गलियारे में उसकी अच्छी पकड़ होने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी हैं । पत्रकारों से बातचीत के दौरान रवि ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों के शव पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए। उनके संरक्षित किये गये विसरा की आगे जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि आश्रय गृह में रह रही पूनम (17) और बबली (40) गत 10-11 अगस्त की शाम गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थीं जिन्हें इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) लाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
अस्पताल के सूत्रों का दावा है कि दोनों महिलाओं का पोस्टमॉर्टम दो पुलिस अवर निरीक्षक की उपस्थिति में कराया गया था लेकिन संबंधित थानों को सूचित किए जाने में उनकी विफलता को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गंभीरतापूर्वक लिया है।
बिहार के समाज कल्याण विभाग के निदेशक राजकुमार ने कहा है कि पीएमसीएच के अधिकारी यह दावा कर रह हैं कि दोनों महिलाओं को मृत लाया गया था लेकिन महिलाओं के इलाज के दौरान उनके साथ मौजूद विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि उनकी मौत इलाज के दौरान हुई थी।