राजधानी पटना में मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य को रफ्तार देने और इस दौरान शहर की रफ्तार को थमने से रोकने के लिए यातायात पुलिस अधीक्षक ने आज एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को जाम की समस्या से बचाना और एक व्यावहारिक रूट डायवर्जन प्लान लागू करना था। बैठक में ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारियों सहित मेट्रो प्रोजेक्ट मैनेजर, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि और ऑटो चालक संघ के पदाधिकारी शामिल हुए।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : भीषण सड़क हादसे में तीन थाना प्रभारियों समेत चार की मौत, सीएम ने जताया दुःख
इन प्रमुख तीन जगहों पर शुरू होगा काम
इस संबंध में मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि निर्माण एजेंसी एचसीसी द्वारा जल्द ही पटना के तीन सबसे व्यस्त और वीवीआईपी इलाकों में मेट्रो स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसमें चिड़ियाघर, विकास भवन और इनकम टैक्स गोलंबर शामिल हैं।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : बिहार के उपमुख्यमंत्री को फोन पर मिली धमकी, अपशब्द भी कहा; साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज
नियमों का पालन जरूरी
यातायात एसपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि डायवर्जन प्लान इस तरह तैयार किया जाए जिससे राहगीरों, स्थानीय जनता और ऑटो चालकों को परेशानी बिल्कुल न हो। इसके साथ ही, प्रशासन ने ऑटो चालक संघ और मेट्रो प्रबंधन से अपील की है कि वे निर्माण अवधि के दौरान यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें और ऑन-ड्यूटी पुलिस बल का सहयोग करें।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : पटना कोचिंग विवाद में ज्ञान बिंदु के रौशन आनंद को झटका, जमानत याचिका पर सुनवाई टली
पटना मेट्रो रूट
पूर्व से पश्चिम लाइन दानापुर छावनी से शुरू होगी, जो खेमनी चक पर समाप्त होगी। यह 16.86 किलोमीटर लंबी है। लाइन 1 पटना मेट्रो परियोजना एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों है। एलिवेटेड रूट जहां 9.36 किलोमीटर लंबा है, वहीं अंडरग्राउंड रूट 7.5 किलोमीटर है। एलिवेटेड रूट पर सात स्टेशन होंगे, और लाइन 1 पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड मार्ग में सात स्टेशन होंगे। वहीं पटना मेट्रो लाइन 2
उत्तर से दक्षिण लाइन पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन से शुरू होगी और न्यू आईएसबीटी पर समाप्त होगी। यह 14.06 किलोमीटर लंबी है। लाइन 2 पटना मेट्रो भी एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों तरह की होगी। एलिवेटेड रूट जहां 6 किलोमीटर लंबा है, वहीं अंडरग्राउंड रूट 8 किलोमीटर है।