कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण न्यायिक कार्य बाधित हुए हैं। वहीं, अब पटना हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश बुधवार से अपने-अपने घर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जमानत याचिकाओं की सुनवाई करेंगे। यह निर्णय न्यायिक कार्यों को फिर से सुचारू रूप से संचालित करने के लिए लिया गया है।
साथ ही यह व्यवस्था लॉकडाउन की स्थिति के सामान्य नहीं हो जाने तक बरकरार रहेगी। इसके अलावा ई-फाइलिंग के जरिए जो भी मामले दायर किए जाएंगे, उनकी सुनवाई भी हर रोज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। बता दें कि पटना हाईकोर्ट ऐसी व्यवस्था करने वाला देश का पहला हाईकोर्ट बना है।
कोरोना से बचाव के लिए मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने वरिष्ठ न्यायाधीशों के साथ एक बैठक की, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। साथ ही जमानत मामलों पर सुनवाई वकील भी अपने आवास से ही करेंगे। इसके साथ-साथ मामले से जुड़े सभी पक्षों को इसकी जानकारी दी जाएगी, ताकि संबंधित पक्ष मामले पर तैयार रहें।
हाईकोर्ट की कोशिश है कि लॉकडाउन की अवधि में हर रोज कम से कम 792 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर उन्हें निपटा दिया जाए। प्रत्येक न्यायाधीश को 33-33 मामलों की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। बता दें कि पटना हाईकोर्ट में वर्तमान में कुल 24 न्यायाधीश हैं। माना जा रहा है, अगर इस प्रयोग में सफलता हासिल होती है, तो अन्य मामलों की सुनवाई भी की जा सकती है।
कुछ दिन पहले ही तीन अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने मुख्य न्यायाधीश से मांग की थी कि सुनवाई तेज करें। वहीं, महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा है कि मुकदमों के निपटारे के लिए किया गया मुख्य न्यायाधीश का यह प्रयास स्वागत योग्य है। राज्य सरकार इसमें अपना पूरा सहयोग देगी।
इस व्यवस्था का मंगलवार को ट्रायल किया गया। इस दौरान सभी 24 न्यायाधीश शामिल रहें और माममों की सुनवाई करते हुए कुल 49 याचिकाओं को निपटाया गया।