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'संसदीय बोर्ड में पीएम पद के उम्मीदवार का फैसला'

Sun, 03 Feb 2013 09:21 PM IST
भोपाल/ब्यूरो
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भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नरेंद्र मोदी को पार्टी का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता तो मान लिया है, लेकिन उन्हें पीएम पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने का मसला संसदीय बोर्ड पर डाल दिया है। सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी का संसदीय बोर्ड उचित समय आने पर फैसला करेगा। 7 फरवरी को महाकुंभ में संत समागम में नरेंद्र मोदी के नाम पर मुहर लगने पर भी पार्टी ने कोई फैसला नहीं किया है।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि फिलहाल पार्टी की नजर 2014 के लोकसभा चुनावों में बहुमत हासिल करने पर है। भोपाल के हवाई अड्डे पर सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि देश में राजनीतिक दलों के सामने विश्वसनीयता का संकट है।

भाजपा कार्यकर्ताओं को ऐसे उदाहरण पेश करने चाहिए कि विश्वसनीयता कायम हो सके। उन्हें सुशासन, अच्छे आचरण और व्यवहार में गरिमा का सबक देने के साथ ही राजनाथ ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मोर्चे पर विफलता का आरोप लगाया।
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सिंह ने कहा कि चीन भारत की घेरेबंदी कर रहा है तो पाकिस्तान एलओसी पर हरकतें कर रहा है, लेकिन सरकार खामोश बैठी है। राम मंदिर के मसले पर सिंह ने कहा कि जो मुद्दे पहले पार्टी के एजेंडे में थे वे आज भी हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। पार्टी उनसे मुंह नहीं मोड़ेगी। सिंह की इस बात से साफ है कि सात फरवरी के संत समागम में राम मंदिर के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

बहरहाल, प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा में बयानबाजी का दौर खत्म नहीं हो रहा है। इंदौर में पार्टी उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने पीएम पद की उम्मीदवारी की रेस में मोदी के अलावा तीन और नेताओं के नाम गिनाए। उन्होंने कहा कि मुरली मनोहर जोशी, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज भी प्रधानमंत्री बनने की काबिलियत रखते हैं।

लोन घोटाले की जांच की मांग
राजनाथ सिंह ने किसान महापंचायत में कहा कि नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि केंद्र सरकार ने 2008 में जो 60,000 करोड़ रुपये की कर्ज माफी की थी, उसमें गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। इस योजना में 3.5 करोड़ किसानों के कर्ज माफ किए गए थे। सीएजी ने 90000 खातों का परीक्षण किया। इससे पता चला कि बहुत सारे किसानों को लाभ मिला ही नहीं।
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