संसद में प्रदर्शन का मास्टरमाइंट कहे जा रहे ललित झा का घर।
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पिता बोले- घटना के बाद से परिवार हैरान, कुछ समझ नहीं आ रहा
पिता देवानंद झा ने कहा कि बेटे के बारे में जो जानकारी मिल रही है, उससे पूरा परिवार हैरान है। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा कि अचाकन यह क्या हो गया? गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि ललित के पिता देवानंद झा पश्चिम बंगाल में रहकर पूजा-पाठ कराते हैं। यही उनकी आजीविका का साधन है। ललित तीन भाइयों में मंझला है। उसका बड़ा भाई सोनू झा बंगाल में ही कपड़े की दुकान में नौकरी करता है। छोटा भाई शंभू झा बिजली मिस्त्री का काम करता है।
संसद सुरक्षा चूक का मुख्य आरोपी ललित झा कौन है
तीनों बेटे में से किसी के विरुद्ध थाने में आपराधिक मामला दर्ज नहीं हैं
बेनीपुर के प्रभारी एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी के निर्देश पर बहेड़ा थाने की पुलिस ने शुक्रवार को ललित के घर की छानबीन की तथा उसके पिता से गहन पूछताछ की। ललित के 70 वर्षीय पिता देवानंद झा ने बताया कि मैं कोलकाता में रहकर पंडिताई का काम करता हूं। मेरे तीन पुत्र बड़ा सोनू झा, मझला ललित झा एवं छोटा शंभू झा के विरुद्ध किसी भी थाने में आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि ललित गत 10 दिसंबर को कोलकाता से घर रामपुर उदय अपनी पत्नी के साथ आया था। उसी दिन वह यहां से दिल्ली चला गया। मीडिया व प्रशासन के माध्यम से अपने बेटे की करतूत की जानकारी मिली तो चेहरा शर्म से झुक गया। गांव के लोग भी आश्चर्य कर रहे हैं कि सज्जन पंडित परिवार के बेटे ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम कैसे दे दिया। उधर, कई ग्रामीणों का कहना है कि ललित ने बेरोजगारी या किसी गलत व्यक्ति के बहकावे में आकर इस घटना को अंजाम दिया है।