सामान्य धारणा है कि बिहार में चुनाव, केवल अपराधियों के चुनाव होते हैं। यह सच है कि विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर अपराधी चुनाव लड़ते हैं और जीतते भी हैं।
वास्तविकता क्या है?
बिहार विधानसभा चुनाव के कई उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ अपराधिक मामले चल रहे हैं। साल 2010 के विधानसभा चुनाव में 36 फीसदी उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामले लंबित थे।
चुने गए विधायकों में 58 फ़ीसदी विधायकों पर कोई न कोई आपराधिक मामला चल रहा था। इसमें सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे।