मॉब लिंचिंग को साजिश करार देते हुए जाति के कारण हत्या का आरोप लगाते परिजन।
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मुखिया पति पर कथित फायरिंग के आरोप में गुरुवार को सारण में जिन तीन युवकों को पीटते समय उनमें से एक अमितेश कुमार सिंह की जान ले ली गई थी, शुक्रवार शाम उसकी लाश पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंची तो लड़ाई यादव बनाम राजपूत में बदल गई। लोगों ने लाश को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। परिवार की एक लड़की का वीडियो वायरल हो रहा है, जो कह रही है- “विजय यादव का हिम्मत था कि लाश गिरा देता...सारा राजपूत लोग चूड़ी पहन ले और साड़ी पहन ले...अ घर में बैठ जाव, एही प्रभारी छोटी सन बात पर पूरा रेल देहलस...आज काहे नैखे अहिरसन के रेल देत...जब मार के बदला मार...त लाश के बदला लाश गिरावे लोग...इनकाउंटर करीं लोग” पुलिस भी जातिगत तनाव के मद्देनजर लोगों को समझाने में जुटी है, हालांकि पुलिस पर मुखिया पति से प्रभावित होने का आरोप लग रहा है।
थाना पर भी आरोप, सीसीटीवी जांचने की मांग
शुक्रवार को अमितेश का शव पहुंचते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए तथा पुलिस को वापस लौटने की मांग करने लगे। सदर एसडीपीओ एमपी सिंह के नेतृत्व में पांच घंटे तक पुलिस मृतक के दरवाजे पर जमी रही। परिजन आरोपी मुखिया प्रतिनिधि विजय यादव को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। सदर एसडीओ अरुण कुमार के मौके पर पहुंचकर समझाने के बाद परिजन शांत हुए। परिजनों ने वरीय पदाधिकारियों से मामले का अनुसंधान सदर एसडीपीओ से कराने और माँझी थाना परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की। दर्ज प्राथमिकी में मुखिया आरती देवी का नाम शामिल किए जाने की भी मांग होती रही। ग्रामीणों का कहना था कि राजपूत युवक की दबंग यादवों ने साजिशन हत्या कर दी। मृतक के पिता जयप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि मुखिया पति तथा समर्थक कमरे में बंद कर मारते-पीटते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
पांच नामजद व 50 अज्ञात आरोपित
गुरुवार की शाम स्थानीय मुखिया के पति विजय यादव के मुर्गाफार्म पर कथित रूप से फायरिंग करने पर कमरे में बंद कर पिटाई से मुबारकपुर निवासी अमितेश कुमार सिंह की मौत हो गई थी। बुरी तरह जख्मी राहुल कुमार सिंह तथा विक्की कुमार सिंह अभी भी पटना में मौत से जूझ रहे हैं। तनाव को देखते हुए मृतक के पिता के बयान पर मांझी थाने में दर्ज कर ली गई है। दर्ज प्राथमिकी में पांच नामजद तथा 50 अज्ञात को आरोपित किया गया है। दर्ज प्राथमिकी में लिखा गया है कि मुखिया पति विजय यादव ने साजिश के तहत सिधरिया टोला स्थित अपने मुर्गाफार्म पर बुलाकर तीनों युवकों की बेरहमी से पिटाई कराई। इसमें अमितेश कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्री भी है। मृतक के दरवाजे पर गांव के लोगों के अलावा पूर्व उप प्रमुख रामकृष्ण सिंह, पूर्व मुखिया विजय सिंह सुरेन्द्र कुमार सिंह तथा जदयू नेता निरंजन सिंह आदि भी समझाने-बुझाने में जुटे रहे।