जयंती के दौरान लोगों की भीड़।
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डॉ राजेन्द्र बाबू ने अपना पूरा जीवन देश समर्पित कर
ग्रामीणों ने कहा कि जिस देश को डॉ राजेन्द्र बाबू ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उस देश के लोगों ने ही उनको सम्मान के नाम पर केवल भाषण दिया गया। भाषण देने वाले तमाम उन नेताओं को मालूम होना चाहिए कि डॉ राजेन्द्र प्रसाद सिर्फ एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि देश के धरोहर भी हैं। डॉ राजेन्द्र बाबू सीवान के मान सम्मान एव स्वाभिमान के प्रतीक हैं।
आज भी राजेंद्र बाबू की घर की हालत काफी जर्जर है
ग्रामीणों का आरोप है कि देश प्रथम राष्ट्रपति होने के बावजूद भी इस गांव को जो मान सम्मान या जो दर्जा मिलना चाहिए वह नहीं मिला। आज भी उनके घर की हालत काफी जर्जर है। हालांकि, इस स्थल को अब पुरातत्व विभाग को सौंप दिया गया है। विकास के नाम पर सिर्फ कागजों पर कोरम पूरा किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि डॉ राजेंद्र प्रसाद को आब सिर्फ किताबों तक ही सीमित रखने जैसा हालात नजर आने लगे हैं।