लालू यादव और उनकी बेटी रोहिणी अचार्या
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ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद सियायत भी तेज हो गई। विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रहा है। पूर्व रेल मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी मोदी सरकार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस देश का रेल मंत्री कौन है? यह कोई नहीं जानता लेकिन रेल बजट खत्म कर चेहरा चमकाने के लिए रेलगाड़ियों को हरी झंडी कौन दिखाता है यह सब जानते है। इतने बड़े रेल हादसे का दोषी कौन? राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने आगे लिखा कि बालासोर रेल दुर्घटना अत्यंत ही हृदय विदारक है। रेल दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
रोहिणी ने लिखा- जुमलेबाजी जनता की जान पर पड़ गई भारी
वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि तुम्हारी ये जुमलेबाजी जनता की जान पर पड़ गई भारी.. जवान,किसान और जनता रोता। फिर भी कानों में जूं नहीं भाजपा को रेंगता.. क्या यही अमृत काल का सुरक्षा कवच है खून से तरबतर जो खौफनाक मंजर है.. झूठ और जुमलेबाजी की राजनीति करना बंद करो रेलवे की सुरक्षा चाक-चौबंद तथा दुरुस्त करो।
लालू प्रसाद का ट्वीट।
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खूब ट्रोल हुए लालू-रोहिणी
वहीं रेल हादसे का दोषी कौन? इस सवाल पर लालू प्रसाद यादव सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हुए। भाजपा नेता डॉ. विकास त्रिवेदी ने कहा कि लालू यादव के 3 साल में सर्वाधिक रेल दुर्घटनाएं (1034) हुईं। इतना ही नहीं सर्वाधिक ट्रेनें (550) भी पटरियों से उतरी। तत्पश्चात्, एक घोटाला याद है ‘लैंड फॉर जॉब’ वाला? वह आपने ही रेल मंत्री रहते ही किया था। वहीं अरविंद मोहन सिंह नाम के एक यूजर ने लिखा कि लालू यादव आप जैसे भी हैं आपदा विपदा जानते हैं। स्वयं अस्वस्थ रहते हुए किसी की मृत्यु पर राजनीति कैसे कर सकते हैं। राख ठंडी तो हो जाने दीजिये फिर राजनीती करियेगा। एक अन्य यूजर विनोद झा ने लिखा कि यह दुर्घटना सिर्फ़ और सिर्फ़ रेलवे भर्ती घोटाले के कारण हुआ है क्योंकि घोटालेबाज़ों ने रिश्वत लेकर गलत लोगों की नियुक्ति किया था जिसके कारण आज आम लोगों को इस हादसे का शिकार होना पड़ा? ईश्वर बहुत जल्द इन रिश्वतखोरों को जरूर दंडित करेंगे।
लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी का ट्वीट।
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ललन सिंह बोले- नैतिक जिम्मेदारी लेने के पहले के कई उदाहरण हैं
पिछले नौ वर्षों में रेलवे का जो कायाकल्प आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हुआ है, उसका जीता-जागता उदाहरण है...300 से अधिक लोगों की मौत। देशवासियों के जीवन के साथ यह कैसा खिलवाड़ है ? नैतिक जिम्मेदारी लेने के पहले के कई उदाहरण हैं लेकिन शायद वह तो संवेदनशील लोगों के लिए है।संवेदनहीन लोगों के लिए नहीं है। वहीं बिहार कांग्रेस ने भी ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण हादसे के बाद सरकार से सवाल पूछा। लिखा कि रेल मंत्री और रेल मंत्रालय क्यों बेपरवाह या अनभिज्ञ या लापरवाह थे।