जदयू और भाजपा के बीच मतभेद की अटकलों पर विराम लगाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि एनडीए गठबंधन पहले की तरह मजबूत है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है और निकट भविष्य में भी आपसी सहयोग के साथ इसी तरह कार्य करता रहेगा।
बिहार विधान परिषद के लिए जदयू के दो तथा भाजपा के एक प्रत्याशी द्वारा नामांकन जमा करने के दौरान कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि हम आपसी समन्वय और पारस्परिक सहयोग के साथ कार्य कर रहे हैं।
विधान परिषद के लिए अपने सहयोगी दलों के बीच सीटों के समझौते ने हमारे गठबंधन को मजबूत किया है। हम सभी बिहार के लोगों के कल्याण के लिए पूरी तन्मयता से कार्य करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सूबे के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर विरोध जताने के बाद नीतीश का ऐसा बयान एनडीए गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में हुए जदयू के सम्मेलन में नीतीश कुमार ने मोदी की उम्मीदवारी का खुलकर विरोध किया था। कुमार ने कहा था कि भाजपा को धर्मनिरपेक्ष छवि के उम्मीदवार को सामने लाना चाहिए।
मोदी के ऐसे विरोध पर बिहार भाजपा ने नीतीश कुमार को आड़े हाथ लिया था। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कुमार की आलोचना तक कर डाली थी।
भाजपा मंत्री और एनडीए के राज्य संयोजक नंद किशोर यादव ने भी संवाददाताओं से कहा कि एनडीए गठबंधन के दलों में पारस्परिक समझ और सहयोग बढ़ा है।
विधान परिषद के लिए जद यू से पूर्व मंत्री मंजर आलम और राजकिशोर सिंह कुशवाहा ने और भाजपा की ओर से विवेक ठाकुर ने नामांकन जमा कराया। वर्तमान में 243 सदस्यीय परिषद में जद यू के 118 और भाजपा के 91 सदस्य हैं।