बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 70 फीट ऊंचे भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर दिया है। यह प्रतिमा नालंदा जिले के अंतर्गत आने वाले पर्यटन स्थल राजगीर के घोड़ा कटोरा झील पर बनी है। कुमार इसका अनावरण करने के लिए नालंदा पहुंचे थे। उन्होंने राजगीर महोत्सव के उद्घाटन से पहले भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण किया।
तीन दिनों तक चलने वाले राजगीर महोत्सव में देश और विदेश के सैलानी पहुंचते हैं। यही वजह है कि उनके यहां पहुंचने से पहले इस प्रतिमा का अनावरण किया गया है ताकि यहां आने पर सैलानी इस जगह का आनंद उठा सकें। भगवान बुद्ध की यह प्रतिमा पहाड़ियों के बीच स्थित घोड़ा कटोरा झील के बीच में बनी हुई है। अब यहां आने वाले सैलानी घोड़ा कटोरा के इस मनोरम दृश्य के साथ बुद्ध के दर्शन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी प्रतिमा का अनावरण करने के लिए पहुंचे थे इसलिए कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पूरी पहाड़ियों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। बिहार सरकार राजगीर को वैश्विक पटल पर एक बड़ा पर्यटन स्थल बनाने को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी वजह से पर्यटन को ध्यान में रखते हुए यहां राज्य सरकार ने कई काम करवाए हैं। इससे पहले यहां घोड़ा कटोरा स्थल पर पार्क का निर्माण करवाया गया था।
अब सरकार झील पर बैटरी से चलने वाली नाव चलाएगी। जिससे लोग झील का लुत्फ ले पाएंगे। झील के पास आने के लिए लोग पैदल चलकर, साइकिल या टमटम का प्रयोग कर सकेंगे। यहां जल्द ही बैटरी से चलने वाला रिक्शा भी शुरू किया जा सकता है। माना जाता है कि झील के पास सिक्खों के पहले गुरू गुरुनानक भी यहां आए थे। इसीलिए सरकार यहां एक गुरुद्वारे का निर्माण करवा रही है जो अगले साल तक बनकर तैयार हो जाएगा।
प्रतिमा बनाने में 547 दिन लगे
ध्यान चक्र मुद्रा की इस प्रतिमा के निर्माण में कारीगरों एवं इंजीनियरों को 547 दिन लगे। इसमें 45 हजार घनफुट गुलाबी बलुआ पत्थर लगा है। पत्थर उत्तर प्रदेश के चुनार से मनाए गए हैं। निर्माण ‘दीपक हैंडीक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के दीपक कुमार गौड़ और उनके सहयोगियों ने किया है।
नौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार
झील के बीच में पानी की सतह से ऊपर 38 फुट ऊंची नौ करोड़ की लागत से बनी यह प्रतिमा बोधगया के बाद देश में दूसरा स्थान रखती है। ऊंचाई पानी की सतह से 38 फुट है। बता दें कि बिहार के बोधगया और उत्तर प्रदेश के सारनाथ में बुद्ध की 80-80 फुट की प्रतिमाएं है।
पानी के भीतर 20 फुट का पैडस्टल
कमल 12 फुट का है। पानी के भीतर इसका पैडस्टल 20 फुट का बनाया गया है। पैडस्टल की गोलाई 16 मीटर है। यह पूरी तरह से प्रदूषण रहित जोन है। रोपवे स्थल से घोड़ा कटोरा झील तक जाने के लिए तांगा या फिर बैट्री चालित वाहनों को ही प्रवेश की इजाजत है।