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Earthquake Clinic: बिहार के हर जिले में खुलेंगे 'भूकंप क्लीनिक', जानें धरती हिलने पर इनसे किस तरह मिलेगी मदद

Wed, 16 Nov 2022 04:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

भूकंप की संभावना को देखते हुए इलाकों को सेसमिक जोन के आधार पर बांटा जाता है। इन सेसमिक जोन्स में बिहार को सेसमिक जोन-4 के तहत रखा गया है। ऐसे में नीतीश सरकार ने भूकंप से बचाव के क्रम में राज्य के हर जिले में 'भूकंप क्लीनिक' खोलने का फैसला किया है। 
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भूकंप (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इन दिनों एक के बाद एक भूकंप के झटके आ रहे हैं। आज ही अरुणाचल प्रदेश में ये झटके महसूस किए गए। इससे पहले नेपाल में भूकंप आया था। जिसके झटके दिल्ली एनसीआर तक महसूस किए गए थे। कई बार भूकंप के कारण जान-माल का काफी नुकसान भी होता है। झटके महसूस करते ही लोगों में भूकंप आने के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है। अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगते हैं। भूकंप से होने वाले नुकसान से बचने के लिए कई तरह की पहल सरकारें करती हैं। जैसे लोगों में सुरक्षा उपायों को लेकर जागरुकता फैलाना आदि। इसी क्रम में बिहार सरकार ने भी एक पहल शुरू की है। दरअसल, बिहार में नीतीश सरकार ने भूकंप से बचाव के क्रम में राज्य के हर जिले में 'भूकंप क्लीनिक' खोलने का फैसला किया है। इस पहल के तहत राज्य की राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में इस ये क्लीनिक खुल भी चुके हैं। 

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 सेसमिक जोन-4 में शामिल है बिहार

भूकंप ने तबाही मचाई - फोटो : सोशल मीडिया
भूकंप एक ऐसी आपदा है, जो कहीं भी कभी आ सकती है। धरती कब अचानक डोलने लगेगी, इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल है। ऐसे में भूकंप की संभावना को देखते हुए इलाकों को सेसमिक जोन के आधार पर बांटा जाता है। इन सेसमिक जोन्स में बिहार को सेसमिक जोन-4 के तहत रखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेसमिक जोन 4 को देखते हुए अगर बिहार में .5 की तीव्रता का भूकंप आए तो इससे बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 

क्या होता है भूकंप क्लीनिक में

भूकंप के झटके - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि भूकंप क्लीनिक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल की टीमें लोगों को इसके खतरे से आगाह करती हैं। वे इसके लिए मॉक ड्रिल आदि करती हैं। भूकंप आने के समय कैसे अपना बचाव करें, इसकी ट्रेनिंग भी भूकंप क्लीनिक में दी जाती है। इसके अलावा भूकंप बाहुल्य इलाकों में किस तरह से घरों का निर्माण किया जाए, आपदा प्रभावित  मकानों को दोबारा कैसे बनाएं आदि के बारे में भी इन भूकंप क्लीनिक में बताया जाता है।  

हर जिले में खुलेंगे एक भूकंप क्लीनिक

बिहार सीएम नीतीश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया।
भूकंप की संभावना को देखते हुए बिहार सरकार ने प्रदेश के हर जिले में भूकंप क्लीनिक खोलने का निर्णय लिया है। इन क्लीनिक में लोगों को ऐसे इलाकों में बनने वाले ईंट और सीमेंट से बने मकान के बारे में बताया जाएगा। यहां इंजीनियर बताएंगे कि मकान की नींव किस तरह से तैयार की जाए, के साथ ही पिलर की गहराई, सरिया का साइज और इ्स्तेमाल किस तरह से किया जाए। इसके साथ ही  मकान में वेंटिलेशन के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसी तरह, बांस और घास-फूस से बनने वाले मकानों को सुरक्षित रखने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     
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बिल्डरों द्वारा लोग नहीं होंगे गुमराह

एनडीआरएफ के जवान। - फोटो : संवाद
कई बार देखने में आया है कि भूकंप का डर दिखा कर  बिल्डर लोगों को गुमराह करते हैं। वे गुमराह करके अपनी मार्केटिंग भी करते हैं। ऐसे में भूकंप क्लीनिक लोगों में जागरुकता भी फैलाएगी।   
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