बिहार के बोधगया में महाबोधी मंदिर में शुक्रवार की शाम हुए धमाके और संदिग्ध विस्फोटक बरामद होने के बाद एनआईए की टीम जांच के लिए पहुंच गई है। एनआईए की टीम मंदिर परिसर की सघन जांच करेगी। एनआईए की टीम में एसपी समते कई अधिकारी और विस्फोटक विशेषज्ञ शामिल हैं। यह विस्फोट ऐसे समय में हुए हैं जब बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा बोधगया के दौरे पर हैं।
खबरों के मुताबिक शुक्रवार की शाम 4 बजकर 45 मिनट पर एक महाबोधि मंदिर के पास एक मध्यम तीव्रता वाले धमाके की आवाज सुनी गई थी। जिसके बाद स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और मंदिर परिसर की सघन तलाशी ली गई। बताया जा रहा है कि यह धमाका मैदान के पास एक जेनरेटर के नीचे रखे गए फ्लास्क में हुआ। पुलिस ने यहां से कुछ तारें भी बरामद की है।
तलाशी अभियान में कई जगहों से संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुईं। कालचक्र मैदान के गेट नंबर चार के पास से एक विस्फोटक और उससे कुछ दूरी पर रखे गए दो विस्फोटक बरामद किए गए, जिसके आईईडी होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध आतंकियों ने मंदिर परिसर में तीन जगहों पर विस्फोटक छुपाए। माना जा रहा है कि आतंकवादियों द्वारा महाबोधि मंदिर में सीरियल ब्लास्ट करने की योजना थी।
धर्मगुरु
दलाई लामा फिलहाल महाबोधि मंदिर परिसर में ही मौजूद हैं। दलाई लामा के अलावा कई देशों के 10 हजार से ज्यादा विदेशी बौद्ध धर्मावलंबी भी धर्मगुरु दलाई लामा के शैक्षिक सत्र में शामिल होने के लिए मौजूद हैं। हॉलीवुड स्टार रिचर्ड गेरे भी बोधगया में मौजूद हैं। दलाई लामा के इस कार्यक्रम की सुरक्षा के मद्देनजर बोधगया को किले में तब्दील कर दिया गया था। इसके बावजूद विस्फोटक मिलने की घटना से सुरक्षा एजेंसियां सकते में हैं। मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार ने पिछले दिनों दलाई लामा से मुलाकात की थी। विस्फोटक मिलने की घटना से सनसनी फैल गई है।
गौरतलब है कि 7 जुलाई 2013 को भी आतंकियों ने महाबोधि मंदिर को निशाना बनाया था और एक साथ कई स्थलों पर धमाके किए थे। जिसमें दो लोग घायल हो गए थे।