एके-47 मामले की जांच के लिए एनआईए की टीम रविवार को बिहार के मुंगेर पहुंची। टीम का नेतृत्व डीएसपी एनके मालवीय कर रहे हैं। मामले से संबंधित सभी एफआईआर की रिपोर्ट लेने के बाद जांच शुरू होगी।
बता दें मुंगेर के बरदह गांव में बड़ी संख्या में राइफल मिली थीं। जिसके बाद बिहार सरकार ने मामले की जांच एनआईए से कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा। गृह मंत्रालय ने भी इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी। जिसके बाद जांच के लिए एनआईए की टीम मुंगेर पहुंची।
29 अगस्त को हुआ था मामले का खुलासा
इसी साल 29 अगस्त को जमालपुर के जुबली वेल चौक के पास पुलिस ने मोहम्मद इमरान नामक व्यक्ति को तीन एके-47 के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद इमरान से पूछताछ हुई और मोहम्मद शमशेर आलम और इमरान की बहन रिजवाना को भी बरदह गांव से तीन एके-47 के साथ गिरफ्तार किया गया। तीनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि जबलपुर के आर्डिनेंस डिपो से करीब 70 एके-47 की तस्करी की गई है, इस मामले में जबलपुर ऑर्डिनेंस डिपो के सीनियर स्टोर कीपर सुरेश ठाकुर का नाम भी सामने आया था।
मामले में सुरेश के अलावा पुरुषोत्तम लाल रजक और उसके बेटे शिवेंद्र का नाम भी सामने आया। इसके बाद मुंगेर में एके-47 की तलाशी के लिए लगातार छापा मारा गया। छापे के दौरान मुंगेर के बरदह गांव के एक कुंए से 12 एके-47 बरामद किए गए। मुंगेर पुलिस ने इस मामले मे पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें पुलिस रिमांड पर भी लिया गया था। पुलिस रिमांड पर लिए गए मंजर आलम ने बताया है कि शमशेर से 22 एके-47 लिए गए थे जिसमें से 20 एके-47 कई अपराधियों को सप्लाई की गई हैं। वहीं दो एके-47 पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।