फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली विभाग की लापरवाही से जिंदा जला मिस्त्री

Mon, 05 Nov 2012 04:30 PM IST
मुजफ्फरपुर/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
शटडाउन के दौरान तार में करंट दौड़ने से निजी बिजली मिस्त्री की सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर चौक के पास दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब 35 वर्षीय उमाशंकर राय एसबीआई कार्यालय के सामने लगे ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज ठीक कर रहा था। तभी शटडाउन के दौरान ही तार में करंट आने लगा और उससे उमाशंकर की मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों ने हंगामा कर दिया। मालूम हो कि कुछ महिने पहले मझौलिया रोड में भी इसी तरह काम करते हुए एक मिस्त्री की मौत हो गयी थी।
विज्ञापन


उमाशंकर निजी बिजली मिस्त्री था और कांटी थाना क्षेत्र के रामपुर साह गांव का रहनेवाला था। घटना के संबंध में बताया गया कि मिस्त्री उमाशंकर ट्रांसफॉर्मर का एचटी फ्यूज जोड़ने के लिए ऊपर चढ़ा था। इसी बीच ट्रांसफॉर्मर के ऊपर से गुजर रहे तार में 11 हजार वोल्ट बिजली दौड़ गयी। वह तार में सट कर जलने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार उसके शरीर से धुएं के साथ आग की लपटें निकलने लगीं और बिजली कटने के बाद कुछ देर तक शरीर से धुआं निकलता रहा। बाद में किसी तरह मृतक को रस्सी के सहारे पोल से नीचे उतारा गया।

उमाशंकर की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने घंटों भगवानपुर रोड को जाम कर दिया। लोग मृतक के आश्रित को नौकरी और मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। लेकिन लोग विभाग के अधिकारी का बुलाने की मांग पर ही अड़े रहे। ऐसे में इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। तब जीएम गयासुद्दीन के साथ कार्यपालक अभियंता पूर्वी एसके दास अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। जीएम ग्यासुद्दीन ने मामले की जांच कराने के साथ ही मृतक के परिवार को विभाग की ओर से एक लाख मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही लोग शांत हुए।
विज्ञापन


बिजली मिस्त्री की मौत ने फिर बिजली विभाग के लिए सवाल खड़े कर दिये हैं। निजी मिस्त्री ट्रांसफॉर्मर पर कैसे काम करने लगते हैं। अगर सरकारी मिस्त्री शटडाउन ले कर निजी मिस्त्री से काम करवाते हैं, तो इतनी लापरवाही क्यों बरती जाती है। काम के दौरान बीच में फीडर चार्ज होने से स्पष्ट है कि शटडाउन लेने में लापरवाही बरती जाती है। फोन पर ही सभी काम होते रहते है। इसी में चूक होने पर हादसा हो जाता है। नियमों के अनुसार काम करने के बाद शट डाउन लेने वाले मिस्त्री या लाइन मैन लिखित रूप से बिजली चालू करने के लिए संचिका पर हस्ताक्षर करते हैं। इसके बाद ही बिजली चालू होती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें