बिहार में रूपौली की जदयू विधायिका बीमा भारती ने अपने पति पर बेटे को जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। बीमा भारती ने अपने बेटे के बयान पर पति और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। धमदाहा के पुलिस उपाधीक्षक संजीत कुमार प्रभात ने बताया कि चिकित्सकों ने भी बच्चे को अल्कोहल और जहर देने की बात अपनी रिपोर्ट में कही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की दी है।
भारती बुधवार को गांव भिंट्टा के सत्संग में गई थीं। इसी दौरान उन्हें पता चला की उनके 10 वर्ष के पुत्र राजा को विधायिका के पति अवेधश मंडल ने कमरे में बंद कर जहर मिले समोसे और बिस्कुट खिला दिए हैं। इसके बाद राजा की हालत बिगड़ गई है। जब भारती घर पहुंची तो राजा उन्हें अचेत मिला। तभी पूर्णिया के होप अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया।
विधायिका के बेटे राजा ने बताया कि अवधेश मंडल ने अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर उसे कमरे में बंद कर दिया था, फिर समोसे में कुछ मिलाकर खिला दिया था। इससे उसकी तबीयत खराब होने लगी थी। परंतु अवधेश मंडल ने इस आरोप से इंकार करते हुए कहा है कि उन्हें इस मामले में साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। बच्चे की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर वे खुद पूर्णिया पहुंचे थे। वे बच्चे से मिलना चाहते थे। मगर, उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
ध्यान योग्य है कि पिछले कुछ महीनों से बीमा भारती और अवधेश मंडल के रिश्ते अच्छे नहीं हैं। पिछले दिनों बीमा भारती ने अपने पति पर आरोप लगाया था कि दूसरी शादी करने के लिए मेरे पति ने मुझसे रूपये मांगे थे, नहीं देने पर उसने मेरे साथ मार-पीट की। तब मैंने अपना एटीएम कार्ड उन्हें दे दिया था और उन्होंने अस्सी हजार रूपये निकालकर दूसरी पत्नी के लिए जेवर बनवाए।