वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी और अभिरंजन कुमार
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यह राजनीति का पतन तो नहीं ?
इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी कहते हैं कि यह बेवजह का मुद्दा खड़ा करने जैसा है। इस मुद्दे का कोई औचित्य नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री के पास यह गहना कहाँ से आया या उन्होंने इसे खरीदा, यह सवाल करना उचित नहीं है। दूसरी बात यह कि यह मामला गिफ्ट देने और लेने वाले के बीच का है, इसलिए इसमें व्यक्तिगत रूप से प्रवेश करना तो गलत है ही लेकिन साथ ही साथ इस मुद्दे पर राजनीति करना भी गलत है।
इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन कुमार का कहना है कि सवाल सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का या फिर नीरज कुमार का नहीं बल्कि आम महिला और उन विधायकों और मंत्रियों का भी है। राबड़ी देवी कोई साधारण महिला नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री और लालू यादव की पत्नी हैं। आज की तारीख में उनके पुत्र तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं, बेटी मीसा भारती सांसद हैं और पुत्र तेज प्रताप यादव राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पास अगर हीरे का कंगन है तो कोई बड़ी बात नहीं। अब सवाल उन मुखिया, विधायकों और मंत्रियों का भी है, जो एक बार बनने के बाद उनके पास अकूत संपत्ति आ जाती है चाहे वह किसी भी पार्टी के क्यों न हों। फिर ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से यह व्यक्तिगत सवाल पूछना कितना सही है?
वहीं इस संबंध में राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इसकी शुरुआत सत्ता पक्ष ने भले ही राबड़ी देवी से की है लेकिन आने वाले समय में अब मुमकिन है कि राजनीति में महिला के मंगलसूत्र पर भी सवाल किए जा सकते हैं। यह गलत है। ऐसे में यह पूछना शायद गलत नहीं है कि यह राजनीतिक पतन नहीं तो और क्या है?