बिहार के जमुई जिले में 150 से अधिक हथियारबंद नक्सलियों ने बृहस्पतिवार को पटना जा रही ट्रेन पर हमला बोला। हमले में एक आरपीएफ जवान समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।
नक्सली ट्रेन पर आधे घंटे तक अंधाधुंध फायरिंग करते रहे। इस दौरान उन्होंने यात्रियों से लूटपाट की।
जवानों के हथियार भी लूटे
नक्सलियों ने ट्रेन में तैनात आरपीएफ जवानों के हथियार भी लूट लिए। रेलवे ने हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद की घोषणा की है।
पुलिस और रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नक्सली हमले में आरपीएफ जवान सुखनाथ डी सिंह और एक यात्री की मौत हो गई, जबकि एसी डिब्बे में बिहार पुलिस के सब-इंस्पेक्टर कुमार अमित की लाश मिली।
पूर्व-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस पर जमुई और मनानपुर रेलवे स्टेशन के बीच स्थित कुंदर हाल्ट के करीब हमला बोला।
गौरतलब है कि पिछले महीने बस्तर की दरभा घाटी में हुए नक्सली हमले में करीब 28 लोग मारे गए थे।
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अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) एसके भारद्वाज ने बताया कि ट्रेन पर दोपहर बाद 1:20 बजे के करीब 150 से अधिक हथियारबंद नक्सलियों ने हमला बोला। उन्होंने ट्रेन और यात्रियों पर अंधाधुंध फायरिंग की और दो आरपीएफ जवानों के हथियार लूट ले गए।
घटना की सूचना मिलने पर सीआरपीएफ की दो कंपनियां मौके पर पहुंची और नक्सलियों के खोजबीन शुरू की।
तलाशी अभियान का नेतृत्व कर रहे डीएसपी मोहम्मद अब्दुल्ला ने बताया है कि घटना स्थल के पास स्थित जंगल में जगह-जगह पर खून के निशान मिले हैं। इससे स्पष्ट है कि आरपीएफ जवानों की ओर से की गई कार्रवाई में कुछ नक्सली भी घायल हुए हैं।
डेटोनेटर विस्फोट भी किया
सूत्रों के अनुसार तलाशी अभियान में जुटे जवानों को रोकने के लिए नक्सलियों ने डेटोनेटर विस्फोट भी किया। बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने लखीसराय के जिला मजिस्ट्रेट से घटना की विस्तृत जानकारी मांगी है।
इस बीच, रेलवे की ओर से नक्सली हमले में जान गंवाने वाले तीनों लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है। यह घोषणा रेल मंत्री सीपी जोशी ने नई दिल्ली में की।
उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल हुए एक व्यक्ति को एक लाख और अन्य घायलों को 25-25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने नक्सली हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार से नक्सलियों और माओवादियों की समस्या के हल के लिए नए सिरे से विचार करने की मांग की।
नकवी ने हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक के बाद एक जिस तरह से नक्सली हमले हो रहे हैं वह गंभीर चिंता कर कारण बन गया है।
क्यों किया हमला
नक्सलियों ने आरपीएफ जवानों से हथियार लूटने के लिए ट्रेन पर हमला बोला। वे दो आरपीएफ जवानों के हथियार लूटकर ले जाने में कामयाब भी हो गए। इसके साथ ही उन्होंने ट्रेन यात्रियों के साथ भी लूटपाट की।
गढ़चिरौली में लॉयड मेटल्स के वाइस प्रेसीडेंट की हत्या
नक्सलियों ने बुधवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में लॉयड मेटल्स के वाइस प्रेसीडेंट जसपाल सिंह ढिल्लो समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी।
हमले में मारे गए दो अन्य लोगों की पहचान मल्लिकार्जुन रेड्डी और ग्रामीण पुलिस अधिकारी राजू सदाफद के रूप में हुई है। रेड्डी लॉयड मेटल्स की सहायक कंपनी हेमलता मिनरल के अधिकारी थे।
ये तीनों नक्सलियों से बातचीत करने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें गोली मार दी गई।
सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। इससे नक्सली बौखला गए हैं और वे आम आदमी, ट्रेनों तथा राजनीतिक नेताओं पर हमला करने पर उतारू हो गए हैं। इस तरह के हमलों से सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा और नक्सलियों के खिलाफ कड़े से कड़े कदम उठाए जाएंगे।- आरपीएन सिंह, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
ट्रेन पर नक्सली हमले के लिए बिहार की लचर कानून-व्यवस्था जिम्मेदार है। हमले के लिए 150 से अधिक नक्सली एकत्र हुए, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना तक नहीं मिली। यह पूरी तरह से बिहार के खुफिया एजेंसियों की नाकामी है। केंद्र के कड़े रुख को देखते हुए नक्सली आसान लक्ष्यों पर हमला कर दहशत पैदा करने और मूल समस्या से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।- अधीर चौधरी, रेल राज्यमंत्री
इस साल हुए नक्सली हमले
25 मई: छत्तीसगढ़ के बस्तर के दरभा घाटी में कांग्रेस के काफिले पर हमले में वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत। हमले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विद्या चरण शुक्ल भी घायल हुए थे, जिनका गुड़गांव के एक अस्पताल में 11 जून को निधन हो गया।
1 जून: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के जंगल में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक अधिकारी शहीद हो गए।
राजधानी एक्सप्रेस भी हाईजैक कर चुके हैं नक्सली
27 अक्तूबर, 2009 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के बांसतला के निकट नक्सलियों ने भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। उन्होंने दोनों ड्राइवरों को अगवा कर ट्रेन को पांच घंटे तक अपने कब्जे में रखा।
ट्रेन में 300 से ज्यादा यात्री सवार थे। इस हमले में 500 से अधिक पुरुष और महिला नक्सली शामिल थे। उन्होंने तीर-कमान, भाले और बरछों से लैस होकर ट्रेन को घेर लिया था।