पटना की हुंकार रैली के बम धमाकों पर भाजपा बिहार की सियासत गरमाने में जुट गई है।
सीरियल बम धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी शुक्रवार देर रात पटना पहुंचे।
इन धमाकों में मारे गए छह लोग गौरीचक, कैमूर, नालंदा, गोपालगंज, बेगूसराय और सुपौल के रहने वाले थे।
मोदी मृतकों के परिजनों से मिलने इन सारे जगहों पर जाएंगे। मोदी शनिवार को रैली के मृतकों के गांवों में जाकर उनके परिजनों से मिलेंगे।
दीवाली के बाद भाजपा सभी छह मृतकों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के लिए अस्थि कलश यात्रा भी निकालेगी।
भाजपा ने मोदी का यह दौरा इसलिए भी बनाया है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक भी मृतक के परिजनों से नहीं मिले हैं।
भाजपा यह भी जोरशोर से प्रचारित करने में लग गई है कि नीतीश तो जहरीले मीड डे मील खाने से मारे गये स्कूली बच्चों के परिजनों से भी नहीं मिले थे।
नीतीश पर सियासी हमला तेज करते हुए पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि नीतीश को मोदी के चेहरे पर पसीना तो नजर आया, लेकिन बिहार के रैली के बम धमाकों से मारे गये लोगों का खून नजर नहीं आया।
उन्होंने कहा है कि नीतीश जदयू को कांग्रेस की बी कॉपी बनाने में लगे हैं।
पीएम, राहुल जैसी मोदी की सुरक्षा
नरेंद्र मोदी पर हमले की आशंका के मद्देनजर केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है।
उन्हें मिली एडवांस सिक्योरिटी लाइसन (एएसएल) सुरक्षा के तहत रैली के स्थलों की पहले से ही उसी तरह जांच की जाएगी, जिस तरह से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी की रैलियों से पहले की जाती है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एएसएल में मोदी की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वालों की जांच और स्थानीय पुलिस की मदद से रैली स्थल की पहले से ही उचित तरीके से जांच आदि शामिल होगी।
इसके अलावा प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षाकर्मी मेटल डिटेक्टर से जांच करें। जिस भी राज्य में मोदी की रैली होगी, वहां पर उनके एक-एक मिनट के कार्यक्रम को लिखित रूप से तैयार किया जाएगा।
इस पर सुरक्षा एजेंसियां, राज्य सरकार के अधिकारी लगातार नजर बनाए रखेंगे। हालांकि गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मोदी को एसपीजी सुरक्षा देने से इंकार कर दिया।