सहरसा में वट वृक्ष की पूजा करतीं व्रती।
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नवविवाहित महिलाओं में दिखा जोश
वट सावित्री व्रत को सुहाग पर्व के रूप में पूरे जिले में धूमधाम से मनाया गया। खासकर नवविवाहित महिलाओं में इस व्रत को लेकर काफी उत्साह देखा गया। नई नई दुल्हनें सोलह श्रृंगार कर, नई साड़ी और गहनों के साथ सज धजकर वट वृक्ष की पूजा करने पहुंचीं। उन्होंने विधिपूर्वक पूजा की, पेड़ की परिक्रमा की और कच्चे सूत से पेड़ को लपेटा। पूजा में चना, पकवान, मौसमी फल और सुहाग की चीजें अर्पित की गईं। कई महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अपनी मां, चाची और मामी को यह व्रत करते देखा था और अब वे खुद यह व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और अच्छे जीवन के लिए आशीर्वाद मांग रही हैं।
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मांगा सुहाग का आशीर्वाद
बरगद के पेड़ के नीचे सुहागिनों ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की। उन्होंने अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना भी की। पूजा में फल, पूड़ी, भीगे हुए चने और बरगद के पत्ते अर्पित किए गए। महिलाएं पूजा के लिए सिंदूर, दर्पण, मौली, काजल, मेहंदी, चूड़ी, माथे की बिंदी, नई साड़ी, सात तरह के अनाज और सत्यवान सावित्री की मूर्ति लेकर आई थीं।