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Bihar News: आरोप साले पर और पुलिस ने बहनोई को बेरहमी से पीट दिया, रुपये लेकर छोड़े जाने का आरोप; जानें मामला

Thu, 13 Mar 2025 06:08 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

Bihar: पुलिस ने रौशन के साले को डिटेन कर लिया और जब वे उसके बारे में पूछताछ करने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें भी पकड़ लिया और थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। रौशन का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें छोड़ने के बदले पैसे की मांग की और एटीएम लेकर जाकर 20 हजार रुपये निकलवाए।
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मारपीट का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर करियात थाना क्षेत्र में पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाइक चोरी के आरोप में पकड़े गए किशोर से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके बहनोई को भी बुलवाया और बेरहमी से पिटाई कर दी। यही नहीं, बल्कि उसे छोड़ने के बदले पुलिस ने एटीएम से पैसे भी निकलवाए। पीड़ित ने इस घटना की शिकायत वरीय अधिकारियों से की है और न्याय की गुहार लगाई है।
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क्या है पूरा मामला?
पीड़ित युवक रौशन कुमार सिंह के अनुसार, 11 मार्च की सुबह 3 बजे पानापुर थाना क्षेत्र के हरचंदा गांव से एक अपाचे बाइक चोरी हो गई थी। बाइक में जीपीएस लगा था, जिससे ट्रैक करने पर लोकेशन बहिलबारा में मिली। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बाइक नहीं मिली, लेकिन पास की एक झोपड़ी से एक किशोर को हिरासत में ले लिया गया। रौशन सिंह का आरोप है कि जिस जगह चोरी की बाइक की लोकेशन मिली थी, वह शिवशंकर मिश्रा नामक व्यक्ति की है, जो पहले भी बाइक चोरी के मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल फरार है।

पुलिस ने रौशन के साले को डिटेन कर लिया और जब वे उसके बारे में पूछताछ करने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें भी पकड़ लिया और थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। रौशन का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें छोड़ने के बदले पैसे की मांग की और एटीएम लेकर जाकर 20 हजार रुपये निकलवाए। बाद में, उनकी मां 50 हजार रुपये लेकर थाने पहुंचीं, तब जाकर उन्हें छोड़ा गया।
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पुलिस पर गंभीर आरोप
रौशन सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी चमड़ी तक उधेड़ दी और क्रूरता की हदें पार कर दीं। उन्होंने इस घटना की शिकायत वरीय अधिकारियों से की है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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क्या कहते हैं कानून विशेषज्ञ?
मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के अनुसार, पुलिस पूछताछ कर सकती है, लेकिन किसी भी आरोपी के साथ मारपीट नहीं कर सकती। यहां तक कि ऊंची आवाज में बात करना भी कानूनन गलत है। पीड़ित को संबंधित थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए।" ग्रामीण एसपी विद्यासागर ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई होगी। पूरे प्रकरण पर हमारी नजर है।"
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