जी डी गोयनका स्कूल में छापामारी करने पहुंची पुलिस
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बेतिया में शिवपूजन महतो अपहरण मामले में फरार चल रहे मंत्री रेणु देवी के भाई रवि कुमार उर्फ पीनू डॉन और उनकी पत्नी शारदा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अभियान छेड़ दिया है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रही है। अगर दोनों पति-पत्नी आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उनके घरों की कुर्की की जाएगी। एसपी डॉ शौर्य सुमन ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे भू-माफिया गिरोह में भी शारदा की संलिप्तता पाई गई है।
जानकारी के मुताबिक, एसपी डॉ. शौर्य सुमन के नेतृत्व में पुलिस टीम बेतिया से लेकर पटना तक लगातार छापामारी कर रही है। एसपी ने बताया कि अपहृत शिव पूजन को जिस जीडी गोयंका स्कूल में रखा गया था, उसकी डायरेक्टर भी शारदा ही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीनू और उनकी पत्नी शारदा एक संगठित अपराध गिरोह चलाते हैं। शारदा के नाम पर न केवल पिस्तौल का लाइसेंस है, बल्कि अपहरण में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी उनके नाम पर है। पुलिस को अदालत से दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट मिल चुका है। एसपी ने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिनों के भीतर दोनों पति-पत्नी आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी सभी संपत्तियों को कुर्क कर लिया जाएगा।
इधर, सदर एसडीपीओ-वन विवेक दीप के नेतृत्व में पुलिस ने जीडी गोयंका स्कूल और उनके घर छापामारी की है। पीनू डॉन का इतिहास पहले से ही विवादित रहा है। बहरहाल, इस घटना को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर छापामारी की गई है, लेकिन अभी तक दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि जून 2019 में एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने गए पीनू डॉन ने महज इसलिए दुकानदार की पिटाई कर दी थी, क्योंकि वह उनके स्वागत में खड़ा नहीं हुआ था। यह घटना भी काफी चर्चित रही थी। दूसरी, बार पीनू पटना के पटेल नगर में बेशकीमती जमीन हथियाने को लेकर सुर्खियों में आया। इसमें जमीन मालिक ने पीनू पर हथियार के बल पर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया। जमीन मालिक का आरोप था कि पीनू अपने साथियों के साथ जमीन कब्जा करने पहुंचा था। विरोध करने पर पूर्व डिप्टी सीएम (रेणु देवी) के आवास पर जबरन ले जाने की बात कही थी। उस वक्त पीनू की बहन रेणु देवी उपमुख्यमंत्री के पद पर थीं। हालांकि, उन्होंने पीनू से अपने रिश्तों को लेकर कन्नी काट ली थी।